लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में पिछले 2 से 3 सालों के बीच हुए बड़े स्तर पर घोटालों की रोजाना नई परते खुलती चली जा रही है। इस पूरे घोटाले में कुछ प्रॉपर्टी डीलर अफसरों की सांठगांठ के चलते करोड़पति हो गए और उनकी ओर से लाखों रुपए कीमत की लग्जरी कारें और प्रॉपर्टीज खरीद की गई। बीआरएस नगर में 64 और 100 गज के मकानों की रजिस्ट्री करवाने में ऐसे बड़े कारनामे करने के नए नए खुलासे सामने आ रहे हैं, हालांकि इस मामले में विजिलेंस ईओ विंग की ओर से भी जोर शोर से जांच जारी है । विजिलेंस की ओर से बीआरएस नगर के कुछ ऐसे रजिस्ट्री केसो को पकड़ खंगाला जा रहा है, जिनमें अलोटी के मरे होने के बावजूद जाली दस्तावेज तैयार कर मरे हुए आलोटी की जगह बोगस व्यक्ति खड़ा ट्रस्ट अफसरों की मिली भगत से रजिस्ट्री करवा दी गई। अब इस मामले में यह बड़ा खुलासा हो रहा है कि बड़े स्तर पर हुई बीआरएस नगर की बोगस रजिस्ट्रीज में कई प्रॉपर्टी डीलर्स की अहम भूमिका रही है और उनकी और से लाखों करोड़ों रूपए की कमाई की। सूत्रों के मुताबिक दिल ने डीलर ने इन रजिस्ट्री के लिए ट्रस्ट अफसरों को तो मात्र एक लाख रुपए दिए लेकिन खुद 5 से ₹8 लाख रूपए प्रति रजिस्ट्री अपनी जेब में डालते रहे। इनमें तीन प्रॉपर्टी डीलर तो ऐसे हैं जिन्होंने एक साथ तीन लग्जरी कार ( कीमत 15 लाख से ज्यादा) शोरूम से निकलवाई है। इनमें से एक डीलर बीआरएस नगर में कपड़े के कईं शोरूम चला रहा है और एक डीलर की मिठाई की दुकान बताई जा रही है। सूत्र ये भी बता रहे हैं कि विजिलेंस की ओर से भी इन डीलरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। बताया जा रहा है कि इन डीलरों ने कई प्रॉपर्टी भी अपने नाम से बीते एक साल में खरीदी है। हालांकि इस मामले में विजिलेंस की ओर से कई प्रॉपर्टी डीलर्स को अपने संपर्क में लिया गया है और कुछ लोगों की ओर से यह अफवाह भी उड़ाई जा रही है कि कुछ डीलर्स अंदर खाते विजिलेंस अफसरों से सेटिंग का खेला चला रहे है, वहीं ई न्यूज पंजाब इस सेटिंग पर किसी तरह की अपनी मोहर नहीं लगाता और आने वाले दिनों में विजिलेंस की कार्रवाई इस सेटिंग के दावों से पर्दा भी उठा सकती है। --इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में एलडीपी के ड्रा दौरान आखिर 3 मुलाजिमों ने क्यों ली थी छुट्टी। विजिलेंस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर मामले में फरार चल रहे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमण बालासुब्रमण्यम की छत्रछाया में हुए बड़े स्तर पर घोटालों में एक बात और निकल कर सामने आ रही है कि जिस दिन इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में ऋषि नगर स्कीम में एलडीपी प्लॉट नंबर 104 डी और 106 डी के ड्रा निकाले गए उस दिन इस स्कीम से संबंधित असिस्टेंट सहायक और दो क्लर्क छुट्टी पर चले गए थे। लेकिन ड्रॉ के कागजी कार्रवाई को पूरा करने के लिए संबंधित स्कीम के कम से कम एक मुलाजिम का होना जरूरी था,इसलिए क्लर्क परवीन शर्मा जोकि तत्कालीन ईओ कुलजीत कौर का खास था, को छुट्टी पर होने के बावजूद घर से बुलाया गया और इस ड्रा की खानापूर्ति में उसके हस्ताक्षर करवाकर कागजी कार्रवाई को पूरा किया गया था। इसका मतलब साफ है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के मुलाजिम भी इस पूरे घोटाले के जानकार थे और उन्हें भी डर था कि इस अगर ड्रा में वह अपने हस्ताक्षर करते हैं तो जांच खुलने पर वह भी सख्त कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
Improvement Trust Ludhiana Multi Crores Scam