इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लुधियाना में एलडीपी प्लॉट और सरकारी प्रॉपर्टीज की ई आक्शन में हुए बहु करोड़ी स्कैम में विजिलेंस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर मामले में हाईकोर्ट में आरोपी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बाला सुब्रमणियम की और से लगाई अग्रिम जमानत याचिका पर अपना फैसला पेंडिंग रखा है। आज सुनवाई को लेकर विजिलेंस की ओर से अपना पूरा जवाब हाईकोर्ट में दस्तावजों के साथ सबमिट किया गया। अब इस मामले में अगली 7 सितंबर को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा। गौर हो की विजिलेंस की ओर से रमन बाला सुब्रमंयम की तलाश जारी है और करीब 15 दिन पहले एक चैनल में दिए बयान में उन्होनें कहा था कि मेडिकल ट्रीटमेंट के चलते वह बाहर है और डॉक्टर की सलाह से अपने मोबाइल फोन बंद किए हैं , हालांकि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ईओ कुलजीत कौर की ओर से विजिलेंस के समक्ष किए खुलासे से रमन बाला सुब्रमण्यम की इमानदारी की पोल खुल चुकी है और उनकी और से किए जाने वाले इमानदारी के दावे अब हवा हवाई लगने लगे हैं। सवाल ये भी है कि अगर रमन बाला ईमानदार हैं, तो वे विजिलेंस के समक्ष पेश क्यों नही हो जाते। रमन बाल सुब्रमण्यम के अलावा जालंधर के प्रॉपर्टी डीलर मनजीत सिंह सेठी की ओर से भी अपनी अग्रिम जमानत याचिका हाई कोर्ट में लगाई गई है और उस पर भी फैसला अभी पेंडिंग रखा गया हैं। इससे पहले लुधियाना सेशन कोर्ट में ट्रस्ट के इंजीनियरिंग विंग के एसडीओ अंकित नारंग और जालंधर के प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सिंह सेठी की अग्रिम जमानत खारिज कर कर दी गई थी। गौर हो कि अंकित नारंग इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में सरकारी प्राॅपर्टीज की नीलामी में अहम सरगना है।विजिलेंस की ओर से अपना पक्ष कोर्ट में रखते बताया था कि अंकित नारंग ट्रस्ट आफिस से ई आक्शन का कंप्यूटर सहित पूरा रिकार्ड अपने साथ लेकर फरार है और उसके गिरफत में आने से कईं बड़े घोटालों से पर्दाफाश होने की उम्मीद है। जबकि दूसरी अग्रिम जमानत जालंधर से आने वाले प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सेठी की ओर से लगाई गई थी। मंजीत सेठी की इंवोल्वमेंट प्लाट नंबर 9 बी शहीद भगत सिंह नगर में है और इस एलडीपी प्लाट में चेयरमैन व ईओ ने मोटी रिश्वत लेकर 6 करोड़ की कीमत का पक्खोवाल मेन रोड पर आता प्लॉट अलॉट कर दिया गया और इसके बाद इसकी बैक साइड में पड़ता प्लाट नंबर 38 बी ई आक्शन के जरिए सस्ते भाव में बेच डाला गया। इस पूरे घोटाले की लिए पूरी सजिश की प्लानिंग की गई और इसके तहत मौजूदा 300 गज के प्लॉट के साथ लगते प्लॉट का आधा हिस्सा गली में तबदील किया गया और आधा 300 गज के प्लॉट के साथ जोड़ इसे 450 गज में तबदील करने में इस्तेमाल किया गया।
High Court Decision On Raman Bala Bail Application