फूड एंड सप्लाई घोटाले में विजिलेंस की ओर से दर्ज एफआईआर में अब पूर्व मंत्री आशू के पीए कहे जाने वाले इंद्रजीत सिंह इंदी (आफिशियल पीए नहीं) को भी नामजद कर लिया गया है। उन पर ये मामला एक सीसीटीवी फुटेज में उनकी विवादित भूमिका के चलते किया गया है। जानकारी मुताबिक 22 अगस्त को जब विजिलेंस की ओर से सैलून से भारत भूषण आशू को गिरफतार करने के बाद एक विजिलेंस टीम आशू के माडल ग्राम निवास को भी खंगालने पहुंची थी। हालांकि इस जांच में कुछ दस्तावेज कब्जे में लिए गए थे। लेकिन जब बाद में आशू के निवास के आसपास की वीडियो खंगाली गई तो उस सीसीटीवी फुटेज में इंद्रजीत सिंह इंदी के बारे में कुछ सुराग विजिलेंस के हाथ लगे हैं। जिसमें इंदी के पास एक शख्स मोटरसाइकिल में आता है और वे उसे एक काला बैग पकड़ा कर चला जाता है। इसके बाद इंद्रजीत सिंह इंदी कुछ देर ये बैग लेकर इधर उधर घूमता है और उसके बाद कार में फरार हो जाता है। पुलिस इसके बाद से इंदी की तलाश में जुटी हुई है और इसके चलते ही उसे एफआईआर में भी नामजद कर लिया गया है। बड़ी बात है कि इस एफआईआर में आशू के आफिस में चाय पकौडे़ खिलाने वाला व जो खुद को मंत्री का बाहर पीए बताने वाला मीनू पंकज मल्होत्रा पहले से पुलिस गिरफत से बाहर है। आपको बता दें विजिलेंस ईओ विंग की ओर से इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुए घोटालों को लेकर दर्ज की गई एफआईआर में भी ईओ कुलजीत कौर की ओर से दिए गए बयान में इंद्रजीत सिंह इंदी का नाम लिया गया, लेकिन उसे इस एफआईआर में नामजद नहीं किया गया था। वहीं दूसरी ओर आज आशू के सबसे अधिक नजदीकियों में से एक मेयर बलकार सिंह संधू व कौंसलर्स में सबसे खास सन्नी भल्ला भी आज विजिलेंस में अपनी हाजरी भरकर आ चुके हैं और उन्हें एक सवालों का पूरा परफोर्मा थमा दिया गया है और उस मुताबिक उन्हें अपना पूरा ब्यौरा देने के लिए कहा गया है। अब ये पूरी जानकारी सोमवार तक विजिलेंस को देंगे। ऐसे दो तीन अन्य लोग भी हैं, जो आफिस ये परफोर्मा लेकर आए हैं और इन सबकी ओर से अपना, अपनी पत्नी व बालिग बच्चों की प्रॉपर्टी, बैंक अकाउंट, विदेशों में की गई इंवेस्टमेंट, शेयर बाजार में की गई इंवेस्टमेंट, कारों की संख्या व कार कंपनी का नाम, इंकम टैक्स रिटर्न व कुछ अन्य सवालों के जबाव दस्तावेज सहित विजिलेंस को देंगे।
Inderjit Singh Indi Also Named In The Fir