पंजाब विजीलैंस ब्यूरो ने शुक्रवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अपने अभियान के दौरान दो सहायक सब इंस्पेक्टरों (एएसआई) और पंजाब होमगार्ड (पीएचजी) की एक महिला के खिलाफ रिश्वत का मामला दर्ज किया है, जिसमें से दो पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये तीनों शिकायतकर्ता मंजीत सिंह से कोर्ट में चालान पेश करने के नाम पर 15 हजार रुपए की मांग कर रहे थे। जिसकी मंजीत सिंह ने वीडियों व आडियों रिकार्डिंग का पूरा खाका तैयार कर पंजाब एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी, जो विजिलेंस की जांच में सही पाए जाने पर आज विजिलेंस ने तीन आरोपियों में से दो गिरफतार कर लिया। राज्य विजिलेंस ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह खुलासा करते हुए कहा कि ब्यूरो ने हरियाणा के सोनीपत जिले के कसंडी गांव के मंजीत की शिकायत पर बस स्टैंड पुलिस चौकी में तैनात एएसआई तेजिंदर सिंह (922 / एलडीएच) एएसआई नसीब सिंह (2212/एलडीएच) और लेडी पीएचजी ज्योति (नंबर 16240) के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला प्राथमिकी संख्या: 12 दिनांक 9.9.22 दर्ज किया है। इस मामले में पूछताछ के आधार पर एएसआई तेजिंदर सिंह और लेडी पीएचजी ज्योति को गिरफ्तार किया गया है. इस मामले की अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता मंजीत थाना डिवीजन 5, लुधियाना में आईपीसी की एफआईआर 45/19 हमें 420,467, 468, 471, 120 बी के तहत दर्ज किए गए एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में उसके साथ करीब 35 और सह आरोपी हैं। मंजीत की ओर से विजिलेंस की दी जानकारी मुताबिक वह राजपूत के रूप में फर्जी पते और जाति प्रमाण पत्र पर सेना में भर्ती हुआ था लेकिन असलियत में वह जाट जाति से था। जब इसका खुलासा सेना की इंक्वायरी में हो गया तो उस पर एफआईआर दर्ज कर ली गई। इस मामले में मुझे अदालत से जमानत मिलने के बाद मैं एएसआई तेजिंदर सिंह से अदालत में अपने मामले का चालान पेश करने के लिए गुहार लगा रहा था और ये पुलिस वाले उससे इस संबंध में 20 हजार रुपए मांग रहे थे। शिकायत में आगे कहा गया है कि 11.7.22 को पीएचजी ज्योति ने उन्हें फोन किया और इस मामले में उनकी मदद के लिए 20,000 रुपये और मांगे, लेकिन सौदा 15,000 रुपये में हुआ। बातचीत के दौरान उन्होंने सबूत के तौर पर उनकी कॉल रिकॉर्ड की। शिकायतकर्ता ने कहा है कि 12.7.22 को वह पीएचजी ज्योति से मिला, जिसने 15000 रुपये रिश्वत की मांग की लेकिन उसने इनकार कर दिया। वहां के बाद उसी दिन एएसआई तेजिंदर सिंह और एएसआई नसीब सिंह ने उनसे 500-500 रिश्वत ली और शिकायत की इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी बना ली। प्रवक्ता ने आगे बताया कि जांच के दौरान शिकायत में तथ्य सही पाए गए और उपरोक्त सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि तीन आरोपियों में से 2 पुलिस कर्मियों एएसआई तेजिंदर सिंह और लेडी पीएचजी ज्योति को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।
Vigilance Registers Bribery Case Against Three Police Personnel