फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाला अब विशाल रुप लेता दिखाई देने लगा है और इसमें पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू के खिलाफ सबूतों का जुटना शुरु हो गया है। विजिलेंस की ओर से मुल्लांपुर से चर्चित आढ़ती कृष्ण लाल धोती वाला को तीन दिन के पुलिस रिमांड मिलने के बाद शुरु हुई इंवेस्टीगेशन करते हुए आज विभिन्न शैलरों पर छापामारी की गई। ये सभी शैलर कृष्ण लाल धोती वाला के ही हैं। जिनमें गणपति एग्रो राइस मिल, केएल एग्रो, सुरिंदर एग्रो, सिंगला एग्रो नाम के शैलर शामिल हैं। इन शैलरों में छापमारी दौरान विजिलेंस के हाथ बड़ी मात्रा में वे बोरियां या कहे बारदाना बैग बरामद कर लिए हैं, जिनमें यूपी से सस्ते दाम में घटिया गेहूं व चावल खरीद कर लाए गए थे और उसे पंजाब की बढिया क्वालिटी के गेंहू व चावल में मिलाकर महंगा एमएसपी रेट पर केंद्र से फंड हासिल किया गया। कृष्ण लाल धोती वाला ने विजिलेंस की पूछताछ दौरान इन सभी बातों का खुल्लासा किया गया था, जिसके बाद इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सूत्र बताते हैं कि विजिलेंस इस मामले में कईं अन्य शैलर व शैलर मालिकों पर भी दबिश देनी शुरु कर दी है। यूपी की ये बोरियां साल 2020/21 की हैं। विजिलेंस की ओर से ये पूरी इंवेस्टीगेशन एफआईआर 11 दिनांक 16.8.22 us 409 , 420, 467,468,471,120b ipc जिसमें ठेकेदार तेलू राम व पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू को पहले से गिरफतार किया गया, के तहत की जा रही है। इस तरह से समझे पूरा घोटाला साल 2021-22 में फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेट की ओर से लोडिंग अनलोडिंग, ट्रांसपोर्ट, लेबर का ठेका तेलू राम ठेकेदार, गुरदास राम एंड कंपनी के मालिक/साझेदार जगरूप सिंह और संदीप भाटिया को दिया गया था। इस फर्म की उच्च स्तरीय सेंटिंग होने के चलते टेंडरिंग प्रक्रिया दौरान डाली गई बिड में ट्रकों की जगह स्कूटर माेटरसाइकिल के नंबर डाले गए थे। बिना जांच के उक्त ठेकेदार को ये टेंडर मिल गया और इसके बाद उक्त कंपनी की ओर से जितने भी वाहनों के चक्कर लगाए गए उसमें भी यही स्कूटर मोटरसाइकिल के नंबर वाले जाली वाहन ही इस्तेमाल में लाए गए और मिलीभगत से इन्हीं जाली वाहनों के गेट पास जारी होते गए। इस टेंडर के तहत ही यूपी बिहार से सस्ते दाम पर चावल व गेहूं खरीदी गई। यूपी से चावल व गेहूं पंजाब के मुकाबले बेहद सस्ते दामों में मिल जाता है। इसका कारण है कि यूपी में चावल व गेंहूं की क्वालिटी अधिक बेहतर नहीं। इसके बाद शैलर मालिक इन दोनों क्वालिटी की मिक्सिंग कर केंद्र से अच्छी क्वालिटी के लिहाज से फंड जारी करवा लेता था। इसके साथ साथ जाली नंबर (मोटर साइकिल व स्कूटर के नंबर)वाहनों के लिहाज से ही गडाउनों में स्टॉक भी खड़ा होता चला गया। कहने का मतलब गडाउन में जो स्टॉक दिखाया गया, वो असलियत में था ही नहीं और सरकार भी इसी जाली स्टॉक के आधार पर रिकार्ड तोड़ कनक होना का दावा मीडिया में करती रही। बताया जाता है कि खरीद एजेंसियों को भी इन्हीं जाली स्टॉक दिखा कई हजार टन बोगस स्टॉक की पैमेंट केंद्र से रिलीज करवाई जाती रही। अब इस पूरे जांच का धूरा आढ़ती कृष्ण लाल धोती वाला है और हर साल खरीद एजेंसियां भी अपनी खरीद इसी बडे़ आढ़ती से शुरु करती थी। ऐसे में एक बात साफ है कि इस पूरी जांच में खरीद करने वाली लोकल व केंद्रीय एजेंसियों के अफसर भी आने वाले दिनों में घेरे में आ सकते हैं। इसके साथ साथ अब ईडी की जांच में भी बोगस बिलिंग जिसके जरिए केंद्र के फंड में चपत लगाई गई है, वो भी अब शामिल हो गया है।
Vigilance Raids On Many Shellers Large Quantity Of Up Bags Recovered