यशपाल शर्मा, लुधियाना नगर निगम की ओर से पहले ही पार्किंग रेटों में तीन गुना इजाफा कर ठेकेदार को पब्लिक की जेब काटने का लाईसेंस दे दिया गया है और अब सरेआम हर पार्किंग साइट पर टेंडर की शर्तों की धज्जियां उड़ती दिखाई दे रही हैं, लेकिन इस के बावजूद नगर निगम आंखें मूंद बैठ गया है। दूसरे शब्दों में अगर सीधे सीधे कहें तो ये कहना सही होगा कि नगर निगम अफसरों ने ठेकेदार के समक्ष अपने घुटने टेक दिए हैं। पार्किंग की शर्तों मुताबिक ठेकेदार के करिंदों को ब्राउन वर्दी, आई कार्ड , ई टिकटिंग, सीसीटीवी कैमरे सहित कई अन्य तरह की शर्तों के साथ पार्किंग साइट चलाने की मंजूरी दी गई है, लेकिन यह कहीं भी और किसी भी साइट पर मान्य दिखाई नहीं दे रहा। हर जगह बिना वर्दी का के पार्किंग ठेकेदार का करिंदा बिना आईडी कार्ड मैनुअल पर्चियां काटता दिखाई देता है और बिना सीसीटीवी सिक्योरिटी के हर साइट पर काम चल रहा है। ऐसा नहीं कि लोगों की शिकायतें नगर निगम तक नहीं पहुंच रही, लेकिन इसके बावजूद नगर निगम के अफसर ठेकेदार पर पूरी तरह से मेहरबान दिखाई दे रहे हैं। अगर ठेकेदार इन शर्तों को पूरा नहीं करता तो इसके लिए टेंडर में जुर्माना भी तय किया गया है और अगर इतना नहीं तीसरे नोटिस पर नगर निगम उक्त कंपनी का टेंडर तक कैंसिल कर सकती है। शहर में भले ही पार्किंग रेट तीन गुना होने पर कितना भी हाहकार मचा हो, लेकिन इसका मोटा वेतन पाने वाले अफसरों को कोई फर्क पड़ता दिखाई नहीं देता। मार्केट एसोसिएशन जब बढे़ पार्किंग रेट के विरोध में आ खड़ी हुई तो आम आदमी पार्टी विधायकों को अपनी वोटें खतरे में पड़ती दिखी और किसी तरह इस विरोध को शांत किया जाए, इसके लिए मार्केट एसोसिएशनों को समझा बुझा इस पूरे विवाद को दबा दिया गया। लेकिन अभी भी कुछ भी ठीक नहीं हुआ, क्यों कि आम पब्लिक से ठेकेदार के कारिंदों ने फिर से नए रेट पर पार्किंग चार्ज लिया जा रहा है। मार्केट एसोसिएशन से जुडे़ लोग तो ठेकेदार से घटे रेट पर पार्किंग चार्जिज पा रहे हैं, लेकिन इन मार्केट में कोई काम करवाने या कोई सामान लेने को आने वाली पब्लिक के लिए अभी भी बढे़ हुए पार्किंग रेट मुसीबत बनें हुए हैं। विधायक गोगी के समझौते से नगर निगम का कोई लेना देना नहीं लुधियाना वेस्ट के विधायक गुरप्रीत गोगी की ओर से नगर निगम डी जोन में कमिश्नर शेना अग्रवाल के ऑफिस के ठीक साथ बने मीटिंग हॉल में बैठकर प्रेस वार्ता करते हुए कार और स्कूटर का ₹20 और ₹10 पार्किंग फीस और महीना पार्किंग पास के दाम भी आधे और इससे भी कम कर दिए गए हैं, का एलान किया गया था। इस दौरान ये भी कहा गया था कि नए तय किए गए पार्किंग रेट की सूची ठेकेदार हर साइट पर लगाएगा, लेकिन वे अभी तक किसी भी साइट पर नहीं लगी है। अभी भी फिरोजगांधी मार्केट, सराभा नगर , माडल टाउन सहित हर पार्किंग साइट पर ठेकेदार के 3 गुना दाम के बोर्ड सरेआम लगे हुए हैं और ठेकेदार के करिंदे मौके पर सेटिंग के लिहाज से मनमाने रेट पब्लिक से वसूल रहे हैं। इसका अनुभव इस बात से किया जा सकता है कि पब्लिक की हाहाकार के बाद जब आम आदमी पार्टी की किरकिरी होनी शुरू हुई तो पारी के बचाव में और अपनी वोट को खतरा जान लुधियाना वेस्ट के विधायक गुरप्रीत गोगी सराभा नगर, फिरोज गांधी मार्केट और मॉडल टाउन मार्केट की एसोसिएशन को समझाने पहुंच गए और इस विवाद के हल तक पहुंचाने के लिए उनकी ओर से घंटों की पार्किंग सिस्टम को बंद करवा दिया और महीना पास की फीस भी लगभग आधे दाम कर दिए गए। अब सवाल ये खड़ा होता है कि आम आदमी पार्टी के विधायक इस विवाद को खत्म करना चाहते हैं या बिचौले की भूमिका निभा पब्लिक के हाहाकार को दबाना चाहते हैं। जिस लिहाज से यह पूरा प्रकरण चल रहा है और इसमें नगर निगम की जो भूमिका जिस भूमिका में दिखाई दे रहा है उससे यह लगने लगा है कि यह मामला सुलझाने की बजाय पब्लिक का विरोध दबाने की अधिक कोशिश चल रही है अगर नगर निगम अपने सही भूमिका में दिखाई दे तो म्यूच्यूअल सहमति के साथ जो रेट तय किए गए हैं उनकी रेट लिस्ट हर एक पार्किंग साइट पर लगनी चाहिए और इसके साथ साथ आम पब्लिक पार्किंग संबंधी अपनी शिकायत किस अफसर को फोन पर करें, उसका नंबर भी साथ में जारी किया जाना चाहिए जो अभी तक नहीं किया गया। ------- जानें शर्तें पूरी न करने पर कितना जुर्माना व अन्य कौन सी कार्रवाई हो सकती है पार्किंग साइट पर अगर ठेकेदार का कारिंदा वर्दी नहीं पहनता या बिना नेम प्लेट व आई कार्ड के पार्किंग फीस वसूलता है या पब्लिक के साथ दुर्रव्यवाहार करता है या पब्लिक को बिना पार्किंग स्लीप दिए पैसे लेता है,तो पहली बार के नोटिस में 5 हजार व दूसरे नोटिस पर 10 हजार जुर्मानें का प्रावधान है। इसके बाद तीसरे नोटिस में लाईसेंस कैंसिल व ठेकेदार की सिक्योरिटी अमाउंट जब्त करने का प्रावधान है। वहीं ठेकेदार के कारिंदा अगर ई टिकटिंग के बना मैन्यूवल रसीद पब्लिक को देता है तो पहले नोटिस पर 20 हजार व दूसरे नोटिस पर 50 हजार व तीसरे नोटिस पर लाईसेंस कैंसिल व ठेकेदार की सिक्योरिटी अमाउंट जब्त करने का प्रावधान है। इसके अलावा भी कईं तरह के जुर्मानें का प्रावधान ठेका कंपनी ने अपने टेंडर की शर्तों में रखा गया है, जिन्हें अमल में नहीं लाया जा रहा। -------- विधायक की ओर से जो भी समझौता या रेट घटाए गए हैं, उसका नगर निगम से कोई लेना देना नहीं। नगर निगम की ओर से टेंडर की शर्तों में जो रेट तय किए गए हैं, वहीं मान्य है। टेंडर में लागू हर एक शर्त ठेकेदार से पूरी करवाई जाएगी। हरविंदर सिंह ढल्ला, सुपरिटेंडेंट तहबाजारी हैड क्वार्टर नगर निगम
The Municipal Corporation Bowed Before The Parking Contractor First Increased The Tender Rate By Three Times Now