जालंधर। जालंधर के लतीफपुरा में तोड़े गए घरों का मामला लगातार बढ़ता जा रहा है। देर रात लतीफपुरा में मकान न होने के कारण खुले आसमान के नीचे रातें गुजार रहे लोगों से मिलने के लिए वारिस पंजाब दे के प्रमुख भाई अमृतपाल सिंह पहुंचे। इस दौरान भाई अमृतपाल सिंह ने सभी को दो टूक कहा कि अपनी लड़ाई आपको खुद लड़नी पड़ेगी। किसी के भरोसे पर बैठ कर लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। उन्होंने कहा कि जो भी सरकार और प्रशासन ने किया है पर ये सरासर गलत है। प्रशासन को लोगों को घरों को नहीं तोड़ना चाहिए था। यदि जगह खाली करवानी थी तो पहले इन्हें नए घर बनाकर दिए जाने चाहिए। उन्होंने लोगों से पूछा कि वह यहीं पर रहना चाहते हैं? इस पर लोगों ने हां में हुंकार भरी। हां में जवाब सुनने के बाद भाई अमृतपाल ने कहा कि इसके लिए संघर्ष करना पड़ेगा। सिर की कुर्बानी देने के लिए भी सभी को तैयार रहना पड़ेगा। लोग आपके पास आएंगे, आपको पैसों से लेकर तरह-तरह के प्रलोभन देंगे। लेकिन आपका मन विचलित नहीं होना चाहिए। अपने हक की लड़ाई के लिए अडिग रहना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पहले घर बनाकर दो फिर खाली करवाओ भाई अमृतपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी बहुत स्पष्ट गाइडलाइन है कि सालों से रह रहे लोगों को यदि सरकार चाहती है कि वह उजाड़ना चाहती है तो उससे पहले उसे नई जगह पर बसाने के प्रबंध करने पड़ते हैं। लेकिन लतीफपुरा में तो सभी नियमों कानूनों को छींके टांग लोगों को रातोंरात घरों से बेघर कर उनके मकानों को गिरा दिया गया। लोगों की बात तक नहीं सुनी गई। उन्हें सोचने तक का मौका नहीं दिया गया। भाई अमृतपाल सिंह ने कहा कि सिखों की सिरमौर संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से भी कहा कि वह जालंधर में उजाड़े गए सिख परिवारों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से भी अपील की है कि वह इस लतीफपुरा में उजाड़े गए सिख परिवारों के मामले का संज्ञान लें। इस मुद्दे को अपनी तरफ से वह सरकार के समक्ष रखें।
Bhai Amritpal Singh Reached Latifpura Told The People To Be Ready To Make Sacrifices If They Want To Settle Down