लुधियाना विजिलेंस ब्यूरो की ओर से 2 हजार करोड़ी ट्रांसपोर्ट टेंडर व लेबर घोटाले में गिरफतार किए गए फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट के डीसीएफए सुखविंदर सिंह गिल व डीसीएफए हरवीन कौर की ओर से सेशन काेर्ट में लगाई गई जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। इन दोनों के वकील की ओर से आज एडिशनल सेशन जज डा. अजीत अत्री की कोर्ट में ये पक्की बेल लगाई गई थी, जिसे रिजेक्ट कर दिया गया। विजिलेंस की ओर से दायर एफआईआर में बताया गया था कि इन दोनों ही अफसरों ने मात्र दो व तीन लाख रुपए और एक आई फोन की रिश्वत ले आंखें बंदकर सभी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर डाले थे। इसी टेंडर ट्रांसपोर्ट लेबर घोटाला में पूर्व मंत्री पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु, तेलू राम, कृष्ण लाल धोतीवाला और अनिल जैन को भी गिरफतार किया गया है। जब ये टेंडर दिया गया तब ये दोनों ही अधिकारी लुधियाना फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट में डीएफएसई के पद पर तैनात थे। बताया जाता है कि जब अप्रैल महीने में डिपार्टमेंट की ओर से ट्रांसपोर्टव लेबर का टेंडर लगाया गया, तब इन्हीं अफसरों की मिलीभगत से ही मोटरसाइकिल, स्कूटर व कार वाले नंबर लगा टेंडर में डाले गए व्हीकल की जांच तक नहीं की और रिश्वत लेकर चुपचाप करोड़ों रुपए के स्कैंडल करने को मंजूरी दे दी गई।
Bail Plea Of Both Dcfas Of Food And Supplies Department Rejected