ई न्यूज पंजाब, लुधियाना पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री तथा वरिष्ठ अकाली नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज कृषि वैज्ञानिक तथा पंजाब के खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी,लुधियाना के पूर्व उपकुलपति सरदार खेम सिंह गिल की पिछले दिनों हुई अकाल मृत्यु के बाद उनके शोकाकुल परिवार से दुख सांझा किया। सरदार गिल का लंबी बीमारी के बाद 17 सिंतबर को देहांत हो गया था। सरदार मजीठिया ने पूर्व उपकुलपति के परिवार से दुख सांझा करते हुए परमात्मा से अरदास की कि दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिवार को इस कभी न पूरे होने वाली कमी को परमात्मा की रजा समझकर सहने की ताकत प्रदान करें। स्वर्गीय कृषि वैज्ञानिक द्वारा कृषि के क्षेत्र में किए योगदान को याद करते हुए सरदार मजीठिया ने कहा कि प्लांट जैनेटिक्स तथा ब्रीडर सरदार गिल द्वारा भारत में हरी क्रांति लाने में एक अपार योगदान दिया था। उन्होने गेंहू, अलसी के बीज तथा तिल के बीज की नई किस्में पैदा की थी। सरदार मजीठिया ने कहा कि श्री गिल को उनके द्वारा कृषि विज्ञान में किए योगदान के लिए पदमविभुषण से सम्मानित किया गया था। वह बहुत परोपकारी तथा दान पुण्य करने वाली सिख संस्था कलगीधर ट्रस्ट तथा कलगीधर सोसायटी बड़ू साहिब के उपाध्यक्ष भी थे। वह सिख धर्म के विद्वान थे तथा उन्हे इन्टरनल ग्लोबल यूनिवर्सिटी तथा संत तेजा सिंह चेयर पर लगाया गया था। उन्होने कहा कि सरदार गिल के खेतीबाड़ी में योगदान तथा पंजाब को भारत के लिए अनाज का भंडार बनाने में उनके द्वारा किए निभाई प्रमुख भूमिका को अकाली दल द्वारा हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होने कहा कि परकाश सिंह बादल सरदार गिल का बहुत सम्मान करते थे तथा महसुस करते हैं कि सरदार गिल के देहांत से कृषि विज्ञान में एक कभी पूरी न होने वाली कमी उत्पन्न हो गई है। वरिष्ठ अकाली नेता ने यह भी कहा कि सरदार गिल द्वारा पंजाब में 1960 के आरंभ में मैक्सिकन इंस्टीच्यूट आॅफ टेक्नालोजी के विशेषज्ञ शलट से मिलकर गेंहू की बौनी किस्म की खोज से हरी क्रांति की शुरूआत हुई, जिससे न सिर्फ किसानों की आर्थिक हालत में सुधार हुआ बल्कि देश भर में अनाज की कमी समाप्त हो गई। उन्होने कहा कि सरदार गिल के परिवार के योगदान को कभी भी भूलाया नही जा सकेगा। उनके बच्चे भी अपने पिता की तरह मानवता की सेवा के रास्ते का अनुसरण कर रहे हैं। उन्होेने आगे बताया कि सरदार गिल वल्र्ड अकेडमी आॅफ सांइसिज के प्रतिष्ठित मैंबर थे तथा उन्हे रफी अहमद किदवई मैमोरियल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जोकि आईसीएआर का टीम अवाॅर्ड है। इसके अलावा उन्होने एफआईसीसीआई अवाॅर्ड, आईसीएआर गोल्डन जुबली अवाॅर्ड तथा सिल्वर जुबली अवाॅर्ड फार द इंडियन सोसायटी आफ आयलसीडस रिसर्च से पुरस्र्कत किया गया था। सरदार गिल ने खेतीबाड़ी पर बहुत सारी पुस्तकें तथा खोज पत्र भी लिखे थे।
akali leader bikram singh majithia