चंडीगढ़। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने प्रदेश के इंडस्ट्रियल प्लॉट की अलॉटमेंट और खरीद-फरोख्त मामले में दर्ज केस में पूर्व मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा समेत कुल 14 सीनियर अफसरों को नामजद किया है। इनमें से एक आईएएस नीलिमा समेत 7 आईएएस और पीसीएस अधिकारियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। आरोपियों में सीजीएम, एक्सियन और अन्य अधिकारी शामिल हैं। इनकी पहचान रजत कुमार, संदीप सिंह, केएस भाटिया, आशमा अग्रवाल, परमिंदर सिंह, जोगिंदरपाल सिंह और अंकुर चौधरी के रूप में हुई है। आरोप हैं कि इन अधिकारियों ने अपने चहेतों को मार्केट वैल्यू के मुकाबले कौड़ियों के भाव अलॉट कर उन्हें महंगे दाम पर बेचा है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार में हुआ खुलासा पंजाब विजिलेंस को करीब 500 इंडस्ट्रियल प्लॉट की अलॉटमेंट व ट्रांसफर गलत तरीके से किए जाने संबंधी शिकायत दी गई थी। इसकी पड़ताल और दस्तावेजों के आधार पर विजिलेंस ने यह कार्रवाई की है। इस घोटाले का खुलासा तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय हुआ था। लेकिन उस दौरान विजिलेंस जांच में तेजी नहीं लाई गई। इस मामले का खुलासा पंजाब अगेंस्ट करप्शन के प्रधान सतनाम सिंह दाओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर किया था। इसके बाद लगातार मिली शिकायतों पर विजिलेंस ने यह कार्रवाई की है।
7 Ias And Pcs Officers Arrested For Scam In Allotment Of Industrial Plot