लुधियाना। ट्रांसपोर्टरों के चालान न होने की एवज में हर महीने लाखों रुपए रिश्नत लेते पकड़े आरटीए लुधियाना नरिंदर सिंह धालीवाल से विजिलेंस पूछताछ कर रही है। विजिलेंस ने आरटीए के घर मोगा में दबिश दी और वहां से रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। फिलहाल उस सारे रिकॉर्ड को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। इन्हें वेरिफाई किया जा रहा है। उधर, पुलिस के सामने इस मामले को लेकर कई और नाम सामने आए हैं। इनकी तलाश की जा रही है। जल्द इस मामले में पुलिस कुछ और आरोपियों को बेनकाब करेगी। विजिलेंस इस मामले में चालान ना काटने की एवज में रिश्वत लेने के साथ अब एक नया चैप्टर खोल लिया है। इसकी पड़ताल पुलिस कर रही है। पुलिस को इस मामले में चार क्लर्क और एजेंटों की तलाश है, क्योंकि पता चला है कि आरोपी लाइसेंस टेस्ट पासिंग में भी गड़बड़ी करते थे, जोकि बिना आवेदक के आए ही टेस्ट पास कर देते थे। इसके बदले में 5 से 10 हजार तक एजेंट वसूलते थे। इसके बाद क्लर्कों के माध्यम से पैसे आरटीए तक पहुंच जाते थे, क्योंकि पासिंग आरटीए ने करनी होती थी। उसके लिए वो पैसे लेता था। पुलिस इस मामले में स्टाफ के बयान भी लेगी। इसके अलावा एजेंटों से पूछताछ होगी, जिनके नाम सामने आ रहे हैं। 77 लाख की जमीन और कोठी पर खर्च डाले 70 लाख रुपए सूत्र बताते हैं कि आरोपी धालीवाल ने कुछ समय पहले ही मोगा में 77 लाख की 35 मरले जमीन खरीदी है। इसके अलावा उसने मोगा में ही अपनी 70 लाख खर्च कर कोठी तैयार की है। पुलिस पैसों का रिकॉर्ड भी जुटा रही है कि कैसे उसने ये सब अरेंज किया है। विजिलेंस चारों तरफ से आरटीए को घेरने की तैयारी कर रही है। इसलिए पिछले तीन महीनों की कॉल डिटेल्स निकलवाई जा रही हैं कि वो किन-किनके संपर्क में था और क्या-क्या कारोबार चला रहा था। इसके अलावा उसका वॉटसएप डाटा भी चेक किया जा रहा है कि उसकी चैट के किस-किसके साथ हुई और वॉट्सएप कॉल किसे की गई हैं। फिलहाल उसके मोबाइल विजिलेंस के कब्जे में हैं। इधर, हक में पीसीएस ऑफिसर्स ने की वीसी पंजाब पीसीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन के कार्यकारी निकाय ने आरटीए की गिरफ्तारी के मुद्दे पर विचार-विमर्श करने के लिए शनिवार को वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) के जरिए बैठक की। यहां उन्होंने आरटीए नरिंदर सिंह धालीवाल की गिरफ्तारी से जुड़े मुद्दे का पता लगाने के लिए 5 अधिकारियों की कमेटी का गठन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कोई भी सच्चाई नहीं है। बैंक खातों व लाॅकर का जुटाया रिकॉर्ड इस मामले में शुक्रवार को विजिलेंस ने धालीवाल के घर मोगा स्थित एपैक्स कॉलोनी और उनके दो जानकारों कोे घरों पर दबिश दी थी। यहां से पुलिस को रिकॉर्ड और कुछ अन्य दस्तावेज मिले हैं। हालांकि उनके जांच के लिए संबंधित अधिकारियों के पास भेजा गया है कि इतने पैसे, बैंक खाते, लाॅकर और प्राॅपर्टी उसने कैसे और किस माध्यम से तैयार की है।
Rta Took Crores Of Land And Prepared Kothi Vigilance Is Investigating Search For Four Clerks And Agents Continues