चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन चंडीगढ़ के मैनेजिंग डायरेक्टर IAS कंवल प्रीत बराड़ को व्यक्तिगत रूप से हाईकोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। कॉर्पोरेशन चंडीगढ़ के दिवंगत कर्मचारी की पत्नी राधा रानी द्वारा दायर अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट सख्त है। मामले की अगली सुनवाई 26 अप्रैल को है। बोर्ड डायरेक्टर्स के रिजॉल्यूशन को चुनौती याचिकाकर्ता ने दायर अवमानना याचिका में दावा किया है कि उन्होंने हाईकोर्ट में एक सिविल रिट याचिका दायर की थी। इसमें अन्य बातों के साथ प्रतिवादी कॉर्पोरेशन को उन्हें परिवार पेंशन स्वीकृत करने का निर्देश देने की मांगे की गई थी। इस संबंध में 17 अक्टूबर 2000 को बोर्ड डायरेक्टर्स ने एक रिजॉल्यूशन पास किया था। इसमें कॉर्पोरेशन की पेंशन स्कीम के लाभ मृत कर्मचारी के कानूनी उत्तराधिकारियों को देने का निर्णय लिया गया था। लेकिन मृत कर्मचारी अपने जीवन काल के दौरान पेंशन योजना का विकल्प नहीं चुन सकता था। पेंशन का विकल्प चुनने की अनुमति याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि उनके द्वारा दायर रिट याचिका को हाईकोर्ट ने प्रतिवादी कॉर्पोरेशन को पेंशन योजना का विकल्प चुनने की परमिशन देने के लिए याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत प्रतिनिधित्व पर विचार करने और निर्णय लेने का निर्देश देकर निपटा दिया था। पत्नी के दावे को किया था खारिज याचिकाकर्ता की शिकायत के अनुसार मैनेजिंग डायरेक्टर कंवलप्रीत बराड़ ने 24 नवंबर 2022 को एक आदेश जारी किया, जिसमें याचिकाकर्ता के क्लेम के दावे को आधारहीन बताते हुए खारिज कर दिया था। जबकि पूर्व में पास रिजॉल्यूशन को अनदेखा किया गया। सभी दलीलें सुनने के बाद जस्टिस अरविंद एस सांगवान की बैंच ने कॉर्पोरेशन के MD, IAS कंवल प्रीत बराड़ को अगली सुनवाई, 26 अप्रैल 2023 को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के आदेश दिए हैं।
High Court Summons Ias Officer Contempt Case Filed Against Md Brar In Punjab State Warehousing Corporation Employees Death Case