यशपाल शर्मा, लुधियाना नगर निगम की ओर से करवाए जा रहे डेवलपमेंट वर्क में बड़ी धांधलियां व कोताही सामने आती दिखाई दे रही है। ये कोताही व धांधली वार्ड नंबर 91 चंदर नगर छोटी पुली से मल्ली की कोठियां तक करीब 48 लाख रुपए की लागत से डाले जा रहे 28 इंची सीवरेज के काम में सामने आई हैं। जहां बिना ओएंडएम अफसरों की निगरानी के ठेकेदार की ओर से नियमों को ताक में रख सीवरेज का काम किया जा रहा है और मात्र तीन दिन में ही सीवरेज के लैंटर को खोल इस पर मिटटी गिरा इसे बंद किया जा रहा है। इसका नतीजा ये हुआ कि बुधवार दोपहर में इस साइट पर नई डाली सीवरेज लेन में एक टिपर जा फंसा। बताया जा रहा है कि ये टिप्पर इस काम को करवा रहे ठेकेदार की ओर से मंगवाया गया था। बताया जाता है कि ये टिप्पर मौके से मिटटी उठाने को आया था और मात्र तीन दिन में खोले गए लैंटर पर चढृते ही लाइन टूट गई और ट्रक इसमें धंस गया। जिसके बाद बड़ी जहदोजहद के बाद इस टिप्पर का निकाला गया। हालांकि इस बारे में जब एसडीओ (कांट्रेक्ट) अंशुल गरचा से बात की गई तो उन्हें इस पूरे हादसे की जानकारी तक नहीं थी। कारण ये था कि वे साइट पर गए तक नहीं और किसी अन्य मुलाजिम तक ने उन्हें इस बारे में कोई जानकारी तक नहीं दी। गौर हो कि बीते मार्च महीने के तीसरे सप्ताह में इस काम का उदघाटन इलाका विधायक मदन लाल बग्गा, व इलाका कौंसलर बलजिंदर संधू की ओर से किया गया था। नियमों की सरेआम उड़ रही धज्जियां चंद्र नगर में इस काम के तहत 28 इंची सीवरेज लेन डाली जा रही है। जिसके तहत सात के करीब होदियां बनाई जानी हैं। नियमों के तहत होदी व इसके लैटर को 15 दिन के अंतराल के बाद खोला जाता है, तांकि इस सीवरेज में पूरी मजबूती रहे। लेकिन इस काम में काेताही की हद देखें मात्र तीन दिन में ही सीवरेज का लैंटर खोलकर उस पर मिटटी डाल काम को कंपलीट किया जा रहा है। जिस कोताही से ये काम करवाया जा रहा है, उससे एक बात साफ है कि सीवरेज को पूरी मजबूती न मिलने के चलते मेन सड़क का ये सीवरेज कभी भी लोडिड टिपर के भार से धंस सकता है और अगले महीनों में भी इस सड़क पर ऐसे हादसे पेश आ सकते हैं। बड़ी बात है कि मेन सड़क होने के चलते इस सड़क से स्कूली बच्चों की वैनें भी रोजाना निकलती हैं और ये भी ऐसे हादसे का शिकार हो सकती हैं। वहीं दूसरी ओर इस मामले की जांच को लेकर भी आरटीआई एक्टिविस्ट की ओर से भी मोर्चा खोल दिया गया है। उसकी ओर से इस काम की लागत व मौके पर करवाए गए काम को लेकर भी सवाल खडे़ किए गए हैं। जिसको लेकर सेक्रेटरी लोकल बॉडीज, सीवीओ से भी जांच की मांग की गई है। वहीं दूसरी ओर से इलाका कौंसलर बलजिंदर संधू ने कहा कि मौके पर टिपर लाकर कोताही की गई। लेकिन इस वर्क को समय से पहले पूरा कर आम पब्लिक को रिलीफ दिया जा रहा है। अगर ऐसे काम में सड़क खोद छोड़ दी जाती है तो पब्लिक को परेशानी झेलनी पड़ती है। ------- टिपर के ध्ंसने की मुझे जानकारी नहीं है। वैसे मौके पर बैरिकेटिंग की गई है और दो सुपरवाइजर मौके पर तैनात हैं। ठेकेदार से इस बारे में पूछा गया है और कोताही बरते जाने पर उस पर कार्रवाई की जाएगी। गरचा ने बताया कि ये काम 48 लाख की लागत का नहीं, ब्लकि 37 लाख रुपए की लागत का है। अंशुल गरचा, एसडीओ कांट्रेक्ट ------- इस वर्क में सरेआम कोताही बरती जा रही है। काम को निपटाने के चक्कर में आम पब्लिक की जिंदगियों से नहीं खेला जा सकता। इस वर्क की विजिलेंस जांच होनी चाहिए। इस सड़क पर मेन सीवरेज लेन डाली जा रही है और इसमें इस तरह की कोताही किसी की भी जान जोखिम में डाल सकती है। नरिंदर मल्ली, पूर्व इलाका कौसंलर व महासचिव भाजपा लुधियाना
Big Negligence In Sewerage Work Costing 48 Lakhs In Chander Nagar Line Broken Tipper Trapped