चंडीगढ़। पंजाब के एडवोकेट जनरल (AG) विनोद घई के इस्तीफे की सोमवार को खूब चर्चा होती रही। हालांकि पंजाब सरकार ने ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर इसका खंडन कर दिया। सरकार ने AG घई के इस्तीफे की खबर को फेक करार दिया। वहीं इस बारे में AG विनोद घई की तरफ से अभी तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। दरअसल, बीते दिनों से AG विनोद घई पर कुछ आरोप लगाए गए थे। दिल्ली निवासी युवती ने एक वीडियो जारी कर उनके बारे में कुछ बातें कहीं। इसके बाद विधानसभा में कांग्रेस से नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब गवर्नर को एक लेटर भी लिखा है। वहीं सरकार द्वारा एजी विनोद घई का पक्ष में सफाई देने के चलते विपक्षी दलों ने कई तरह के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सरकार मामले में जांच कर एक्शन लेने की जगह एजी को बचाने के लिए सफाई देने में जुट गई है। यू-ट्यूब पर सामने आया वीडियो कांग्रेसी नेता प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब गवर्नर को लिखे लेटर में घई के संबंध में यू-ट्यूब पर सामने आए वीडियो को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा है कि इस वीडियो में एक महिला वकील ने AG घई के बारे में चौंकाने वाले खुलासे किए जाने पर ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने कहा है कि यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सच हैं तो यह माफी के योग्य नहीं है। झूठे केस में फंसाकर जेल में डालने की आशंका प्रताप बाजवा ने लिखा कि वीडियो में विशेष रूप से यह कहा गया है कि पंजाब पुलिस विभाग AG के अधीन है। इस कारण उनके परिवार को झूठे मामले में फंसाकर सलाखों के पीछे भी डाला जा सकता है। किसी दुर्घटना में मृत्यु की आशंका भी जताई गई है। मामले को साबित करने के लिए वीडियो स्क्रीनशॉट, ऑडियो व वीडियो क्लिप भी दिखाए गए हैं।
Punjab Government Said Ag Ghai Did Not Resign Opposition Said Government Giving Clarification Instead Of Taking Action