चंडीगढ़। पंजाब सरकार को पिछले कुछ समय से पंजाब में मकान, शौचालय, गली, नालियां की ग्रांट खाने की शिकायतें मिल रही है। जिसके चलते अब सरकार बड़ा एक्सन लेने की तैयारी में है। अब शहरों में नगर निगम, नगर कौंसिल की तरह पंचायतों का भी स्पेशल ऑडिट होगा। यह अल्फा को जिम्मेदारी दी गई है। विभाग के अनुसार पहली बार पंचायतों का 100 प्रतिशत ऑडिट होगा। इससे पहले कभी पंचायतों का पूरा ऑडिट नहीं हुआ है। हर पंचायत को ग्राम इजलास बुलाने के बाद पंचायत विभाग का यह दूसरा बड़ा फैसला है। ऑडिट के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर पहले पंचायत विभाग और बाद में विजिलेंस जांच करेगी। इधर, ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के डायरेक्टर गुरप्रीत सिंह खैहरा ने कहा कि पहले शिकायत आने पर ही घोटाले का पता चलता था। अब ऑडिट में ही तस्वीर साफ हो जाएगी। छोटे मुलाजिमों पर गिरा दी जाती थी गाज दरअसल, लोगों की शिकायतों पर पहले भी जांच होती रही हैं। इनमें बहुत सी जांच में केवल छोटे लेवल वाले आरोपियों को जिम्मेदार बना दिया जाता है। बड़े लोगों पर कार्रवाई ही नहीं होती क्योंकि वे अपनी पहुंच का इस्तेमाल करके खुद को बचा लेते रहे हैं। अभी पंजाब में 450 से अधिक पंचों सरपंचों व पंचायत सचिवों के खिलाफ घोटाले की शिकायतों की जांच चल रही है। पिछली सरकार के समय सामने आए थे घोटाले पंचायत विभाग ने सबसे पहले पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी व पूर्व मंत्रियों के हलकों में विकास कार्यों में गड़बड़ियां होने की शिकायतों को लेकर 46 ब्लॉकों की पंचायतों की जांच की। इस जांच में कई खुलासे हुए। जिसके बाद अब पूरे राज्य की पंचायतों का ऑडिट होगा। कहां कितना खर्च हुआ की देनी होगी जानकारी पंचायती ग्रांटों में घोटालों के मामले अक्सर अदालतों तक पहुंच रहे हैं। लेकिन इनमें ज्यादातर मामले ऐसे हैं जिनको शिकायत के आधार पर ही दर्ज किया गया है। अब हर पंचायत का ऑडिट होगा। इससे क्लियर होगा कि पंचायत को कितनी ग्रांट आई है, कहां खर्च की गई है, कौन का मटीरियल इस्तेमाल हुआ और कितने का घोटाला हुआ है। 450 से अधिक पंच-सरपंचों व पंचायत सचिवों की हो रही जांच पंजाब में 450 से अधिक पंचों सरपंचों व पंचायत सचिवों के खिलाफ घोटाले की शिकायतों की जांच कर रहा है। कई मामलों में गिरफ्तारी भी हो चुकी है। कई पंचायतों ने एक ईट भी नहीं लगाई और लाखों रुपए की ग्रांट डकार ली गई। ज्यादातर शिकायत पूर्व कांग्रेस सरकार के समय हुए घोटालों को लेकर है। कई पंचायतों की जांच विजिलेंस भी कर रही है। ज्यादातर मामले मालवा के हैं। कई मामलों में बड़े घोटाले होने पर भी पंच लेवल के लोगों को ही जिम्मेदार बनाया गया है, बड़े लोगों पर करवाई नहीं हुई। रिकॉर्ड को कैसे संभालकर रखना है इसकी ट्रेनिंग होगी पंचायत विभाग पंचायतों को ऑडिट के साथ साथ ग्रांटों का रिकॉर्ड रखने की ट्रेनिंग भी देगा। कैसे ग्रांट का बिल बनाना है, कब और कैसे मता डालना है, कब इजलास होगा। यह सबकी जानकारी अब हर पंचायत को होगी। राज्य की 13 हजार से अधिक पंचायतों का ऑडिट होगा ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग के डायरेक्टर गुरप्रीत सिंह खैहरा ने बताया कि राज्य की 13 हजार से अधिक पंचायतों का 100% ऑडिट होगा। अल्फा को काम सौंपा है। गड़बड़ी का पता पहले ही जाएगा।
There Will Be Special Audit Of Panchayats Complaints Were Being Received Of Scams Vigilance Will Investigate Action On 13 Thousand Panchayats