यशपाल शर्मा, लुधियाना लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में एक बार फिर से लोकल डिस्पलेस्ड पर्सन (एलडीपी) प्लॉटों को लेकर चर्चा में आता दिखाई देने लगा है। इससे पहले इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमण बाला सुब्रामनियम के कार्यकाल में भी ट्रस्ट इन्हीं एलडीपी प्लाटों को लेकर चर्चा में आया था। बता इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में फिर से प्रॉपर्टी डीलरों में एलडीपी प्लॉट की अलॉटमेंट को लेकर दौड़ शुरु हो गई है और इस दौड में खुद को चेयरमैन का नजदीकी बताने वाला एक प्रॉपर्टी डीलर सबसे अधिक चर्चा में है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की कमान संभाल रहे तरसेम सिंह भिंडर की ओर से ट्रस्ट मीटिंग बुलाने को करीब एक महीने पहले कहा था, लेकिन उसके बाद से ये मीटिंग केवल एलडीपी प्लाटों के पिक एंड चूज में नहीं हो पा रही है। ट्रस्ट की ओर से अभी तक सालाना 2023-24 की बजट की बैठक तक नहीं की गई और अब भी एलडीपी प्लाटों को इस मीटिंग में डालने को उनका इंतजार किया जा रहा है। ट्रस्ट में दर्जनों एलडीपी केस पेंडिंग हैं, लेकिन पिक एंड चूज कर इसे मीटिंग में मंजूरी दिया जाना पूरी तरह से नियमों के अनुकूल नहीं हैं। बताया जाता है कि खुद को बाहुबली बताने वाले इस डीलर का कहना है कि चेयरमैन साहब ओही कम करनेंगे जो ओह कहूगा। ऐसे में अब कुछ डीलर इसी बाहुबली डीलर से तालमेल व मोटे पैसे की सांठगंठ करने में जुटे हुए है। आपको बता ट्रस्ट में 95 फीसदी ऐसे विवादित एलडीपी प्लॉट पेंडिंग हैं, जिनके वारिस पहले से प्लॉट ले चुके हैं और अब दूसरा वारिस खड़ा हो कर एलडीपी प्लॉट मांग रहा है। इसके अलावा कुछ एलडीपी केसों में एक हजार रुपए की रसीद नहीं है या जमीन के एवज में ट्रस्ट से मुआवजा तक ले चुके हैं। वहीं अधिकतर एलडीपी केसों में एलडीपी होल्डर्स की डेथ हो चुकी है और अब पॉवर आटर्नी के जरिए डीलर व नए खरीददार एलडीपी की गुहार लगा रहे हैं। वहीं आधे एलडीपी केस विजिलेंस डिपार्टमेंट के भी राड़ार में हैं, जिनकी इंक्वायरी पेंडिंग हैं। ------- --घोटाले व कब्जे की कोशिशों को भी दबाने की चल रही कोशिशें गौर हो कि लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में कईं प्लाटों की अलॉटमेंट, रजिस्ट्री व एलडीपी केस लुधियाना विजिलेंस की जांच के घेरे में हैं और पुराने केसों को लेकर अब भी ट्रस्ट का स्टाफ सप्ताह दो तीन बार विजिलेंस आफिस के चक्कर लगा आते हैं, लेकिन इसके बावजूद ट्रस्ट में डीलरों व स्टाफ की मिलीभगत से घोटाले व गडबड़झाले के मामले सामने आ ही जाते हैं। करीब तीन सप्ताह पहले ट्रस्ट में राजगुरु नगर के 201 डी नंबर प्लॉट को एनओसी देने में 33 लाख रुपए का नॉन कंस्ट्रक्शन फीस का चूना लगने का मामला चर्चा में आया था। तब ये कहा गया कि संबंधित क्लर्क ने मौजूदा ईओ से विश्वासपात्र होकर रिपोर्ट करवा ली। इस मामले में चेयरमैन की ओर से सरकार को डीओ लिखे जाने के बाद क्लर्क विशाल का पटियाला ट्रस्ट तबादला कर दिया गया, लेकिन मिलीभगत के चलते उसे अभी तक आफिस रिलीज नहीं किया गया। इतना ही नहीं इस पूरे मामले की पड़ताल कर इस काम को सेटिंग से करवा रहे प्राॅपर्टी डीलर पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। जबकि नियमों के तहत इस मामले में एफआईआर तक बनती थी, लेकिन सिफारिशों के चलते पूरे मामले को दबा लिया गया। वहीं अब बीते चार दिन पहले किचलू 69 एफ नाम के सरकारी प्लॉट पर कब्जे का मामला सामने आया था। इस मामले में ट्र्रस्ट की इंजीनियरिंग व सेल्स ब्रांच की कार्रवाई पूरी तरह से सवालों के घेरे में हैं। मौके पर इस प्लॉट पर कब्जा करने को चारदीवारी खड़ी की गई थी और गेट लगाने की तैयारी थी। ट्रस्ट की इंजीनियरिंग शाखा मौके पर चारीदीवारी को गिराए बिना वहां से चलती बनी और वहीं चेयरमैन तरसेम सिंह भिंडर ने भी दावा कर दिया कि मेरे नाम का इस्तेमाल किए जाने का मामला मेरे भी ध्यान में आने की बात कही गई, लेकिन इस मामले में ट्रस्ट ने क्या एक्शन लिया, उस पर सभी चुप हैं। इस प्लॉट की ट्रस्ट से फाइल तक गायब है और कैंसिल प्लॉट को अंदरखाते सेटिंग के जरिए बहाल करने को पूरा चक्रव्यहू रचा जा रहा है। -------- विवादित एलडीपी व अल्ट्रनेटिव प्लॉट के चक्कर में सरकार ने बनाई कमेटी लोकल गर्वमेंट के सेक्रेटरी व डायरेक्टर के लिए एलडीपी प्लॉटों की अलॉटमेंट हमेशा ही खतरे की घंटी बना रहा है और इसी के चलते प्रदेश में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही लोकल गर्वमेंट मंत्री ने ऐसे केसों से अपनी व अपने अधिकारियों की चमड़ी बचाने को इसमें एक कमेटी का गठन कर दिया है जिसकी मंजूरी के बाद ही ऐसे विवादित केसों को हरी झंडी दी जानी है। इस कमेटी में डिप्टी कमिश्नर की अगुवाई में एक कमेटी बना दी गई है। इस कमेटी में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट का चेयरमैन, एडीसी शहरी डेवलपमेंट, उप मंडल मैजिस्ट्रेट, तहसीलदार, निगरान इंजीनियर, एग्जीक्यूटिव आफिसर (बतौर मेंबर सेक्रेटरी) शामिल रहेंगे। ये कमेटी ट्रस्ट की मीटिंग में डाले गए प्रस्तावों पर मीटिंग कर अपना फैसला देगी।
Pick And Choose Starts Again Regarding Ldp Plots In Improvement Trust