चंडीगढ़। दिल्ली में आईएएस अधिकारियों की कमान राज्यपाल तो सौंपने के अध्यादेश के बाद आम आदमी पार्टी में हड़कंप मच गया है। सुबह से ही सोशल मीडिया पर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इसी बीच दिल्ली में LG को सशक्त किए जाने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का गुस्सा भी भड़क गया है। उन्होंने इसको लेकर एक के बाद लगातार ट्वीट किए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पहले ट्वीट में कहा कि अगर भारतीय संविधान में लोकतंत्र के क़ातिलों को सजा का प्रावधान होता तो पूरी भाजपा को फांसी की सजा हो सकती थी…। इसके बाद भी उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ तो उन्होंने एक और ट्वीट पंजाबी में किया और लिखा कि देश को 30-31 राज्यपाल और एक प्रधानमंत्री चला लें, मतदान पर करोड़ों-अरबों खर्चने का क्या लाभ। मुख्यमंत्री ने एक तीर से साधे दो निशाने मुख्यमंत्री भगवंत मान का पंजाब में राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित के साथ 36 का आंकड़ा चल रहा है। दोनों के बीच सोशल मीडिया पर ही कई बार तीखी तकरार हो चुकी है। आज भगवंत ने अपने ट्वीट देश को 30-31 राज्यपाल और एक प्रधानमंत्री चला लें, मतदान पर करोड़ों-अरबों खर्चने का क्या लाभ से पंजाब के राज्यपाल पर भी निशाना साधा है। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने मुख्यमंत्री के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने अपने ट्वीट की आधी लाइन ठीक लिखी है कि यदि संविधान में लोकतंत्र की हत्या करने की सजा होती, लेकिन आगे भाजपा की जगह आप होना चाहिए। पूरी आम आदमी पार्टी को लोकतंत्र की हत्या के लिए सजा-ए-मौत हो सकती थी। उन्होंने कहा कि आप ने चीफ सेक्रेटरी को पीट कर लोकतंत्र की हत्या की है। 26 जनवरी को केजरीवाल ने धरना लगाकर लोकतंत्र की हत्या की है। लोकतंत्र की हत्या तब होती है जब मुख्यमंत्री कहता है कि वह सरकारी बंगला-गाड़ी नहीं लेगा और बाद में 45 करोड़ से भी ज्यादा पैसा अपने घर को आलीशान बनाने पर खर्च कर देता है।
Delhi-Government-Cm-Manns-Entry-In-Lg-Dispute-Said-30-31-Governors-And-Pm-Should-Run-The-Country-What-Is-The-Use-Of-Spending-Billions-On-Voting