चंडीगढ़। हाल ही में यूके की सरकार द्वारा स्पाउज वीजा के संबंध में नियमों में बदलाव की घोषणा की गई है। इसके तहत अब जनवरी 2024 से आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को इसी नियम के आधार पर ही यूके का वीजा हासिल होगा। गौरतलब है कि स्पाउज वीजा में कई बार बारहवीं या दसवीं पास स्पाउज भी विदेश जाते हैं। लेकिन लगातार बढ़ रहे माइग्रेशन, कांट्रेक्ट मैरिज इत्यादि की समस्या को देखते हुए और गंभीर स्टूडेंट्स के वहां ना पहुंचने के कारण ये बदलाव किए गए हैं। जिससे कि यूके में पढ़ाई के मकसद से पहुंचने वाले और पढ़ाई और रिसर्च को प्रोत्साहित किया जा सके। इन नियमों का असर गंभीर स्टूडेंट्स के लिए किसी तरह की परेशानी नहीं लाएगा। लेकिन वहीं रहते हुए स्टडी वीजा से वर्क वीजा करवाने वाले स्टूडेंट्स को पहले पढ़ाई खत्म होने का इंतजार करना होगा उसके बाद वो वर्क वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। वहीं, ऑस्ट्रेलिया की कुछ यूनिवर्सिटी द्वारा लुधियाना समेत पंजाब के अन्य जिलों, हरियाणा और अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स को एडमिशन ना देने का निर्णय लिया है। इससे स्टूडेंट्स पर असर पड़ सकता है। ये निर्णय भी यूनिवर्सिटी से कॉलेज में माइग्रेशन करवाने वाले, कोर्स बीच में छोड़ने वाले स्टूडेंट्स की बढ़ रही गिनती को देखते हुए लिया गया है। नए बदलाव से विदेश जाने वाले पंजाब के छात्रों की घट सकती है संख्या माहिरों की मानें तो इन बदलावों से गंभीर स्टूडेंट पर असर नहीं पड़ेगा। लेकिन अन्यों पर असर पड़ सकता है। गौरतलब है कि 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक कनाडा, यूके और ऑस्ट्रेलिया में 338784 स्टूडेंट्स भारत के हैं। इनमें से पंजाब से 75 हजार से भी ज्यादा स्टूडेंट्स इन तीनों देशों में पढ़ रहे हैं। कुल स्टूडेंट्स में कनाडा में 20-30 फीसदी और अन्य दोनों देशों में 10-15 फीसदी स्टूडेंट पंजाब से है। ऐसे में नियमों में बदलाव इस संख्या में गिरावट कर सकता है। कनाडा द्वारा वीजा जारी करने के लिए किए गए सख्त नियमों के बाद अन्य देशों में आवेदन बढ़े थे। लेकिन ओवरऑल देखा जाए तो 30-40 फीसदी की गिरावट हुई है। ऐसे में हम ये भी देख रहे हैं कि हायर एजुकेशन के लिए कई स्टूडेंट्स यहीं भारत में ही एडमिशन ले रहे हैं। -- पंजाब के स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया और यूके जाने में दिलचस्पी दिखाते हैं। लेकिन अब नियमों पर पूरा खरा उतरने वालों को ही वीजा हासिल होगा। वहीं, विदेश जाने पर भी वहां के नियमों को मानना जरुरी है इसकी भी कई समस्याएं आती हैं। इसलिए भी देशों द्वारा स्टैंडर्ड को बनाए रखने के लिए नियम तय किए जा रहे हैं।- मोना लाल, इमीग्रेशन एक्सपर्ट। देशों द्वारा लिए जा रहे निर्णय अच्छे हैं। इससे ना सिर्फ वहां की क्वालिटी बेहतर होगी बल्कि स्टूडेंट्स के साथ विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखे भी कम हो सकेंगे। पढ़ाई के लिए गंभीर ना होने वाले स्टूडेंट्स के जाने से अन्य स्टूडेंट्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, स्पाउज वीजा के लिए भी अगर स्पाउज की क्वालिफिकेशन सही है और वर्किंग है तो भी वीजा हासिल करने में समस्या नहीं आती। क्वालिटी कंट्रोल करने में काफी मदद मिलेगी।- आयुष जैन, इमीग्रेशन एक्सपर्ट ।
Changes-In-Visa-Rules-Decision-Of-Some-Australian-Universities-Not-To-Admit-Students-From-Ludhiana-And-Other-Districts-Of-The-State