मानसा। सिद्धू मूसेवाला की हत्या को आज पूरा एक साल हो गया है। लेकिन अभी तक पंजाब सरकार व पंजाब पुलिस उनके हत्यारों को पकड़ नहीं सकी। सरकार ने दावे तो बहुत किए, लेकिन पूरा कोई नहीं हुआ। गांव जवाहरके में लॉरेंस, गोल्डी बराड़ और जग्गू भगवानपुरिया के साथियों ने मूसेवाला को घेरकर मारा था। मां चरण कौर ने रात 12 बजे अगले दिन की शुरुआत के साथ ही अपने बेटे शुभदीप सिंह उर्फ सिद्धू मूसेवाला को याद करते हुए पोस्ट सोशल मीडिया पर साझा की। वहीं, आज गांव मूसा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 9 महीने बड़े प्यार और इच्छा से पाला 1 साल में मां का दर्द बयान करती हुई इस पोस्ट में चरण कौर ने लिखा- वह दिन खुशी से आया, जब मैंने अपने गर्भ में आपकी उपस्थिति को महसूस किया। 9 महीने बड़े प्यार और इच्छा से आपको पाला और जून में आपको अपनी गोद में बैठाया, कभी नजर से बचाती तो कभी खिलखिलाती। सुंदर दस्तार सजाती, कभी सच्चाई और ईमानदारी का पाठ पढ़ाती, कभी काम की कीमत का ज्ञान सिखाती। झुककर चलना बुरा नहीं है, यह ध्यान में रखकर तुम्हें मंजिल तक पहुंचाती थी, पर मुझे पता न था बेटा तेरा मुकाम तुझे मुझसे दूर कर देगा। कुछ घटिया लोगों ने मेरे बच्चे को मुझसे छीन लिया इससे बड़ी सजा क्या होगी मेरे लिए, लंबी उम्र का सुख जिसके लिए मांगती थी, आज उसे आंखों के सामने देखे एक साल हो गया है। बिना किसी गलती के, बिना किसी अपराध के, कुछ घटिया लोगों ने मेरे बच्चे को मुझसे छीन लिया। आज एक साल हो गया है बेटे, मैंने तुम्हें गले से नहीं लगाया, कोई दुख साझा नहीं किया है। आपका मनपसंद खाना अपने हाथों से नहीं खिलाया। शुभ, जब आप मेरे पास होते थे तो मुझे हर मुश्किल हर दुख छोटा लगता था, लेकिन आपके बिना मैंने एक साल कैसे बिताया, यह केवल मेरी अंतरआत्मा जानती है। आज भी यही सोच रही हूं कि तारीख फिर आई है कि तुम भी आ जाओ। मेरी छाया, मेरे वजूद की पहचान, मेरा गुग्गू... बेटा, तुम्हें गले लगाना है, मेरी पीड़ा खत्म कर दो। बेटा घर लौट आओ, किसी भी समय मेरा दिल नहीं लगता। गांव जवाहरके में आज लगेगा रक्तदान कैंप मां चरण कौर ने बताया कि आज गांव के गुरुद्वारा नानक निवास में शुभदीप की आत्मिक शांति के लिए रखे गए पाठ का भोग डाला जाएगा। इस दौरान गुरुद्वारे के पास ही रक्तदान कैंप भी लगाया जा रहा है। गांव में फैंस पहुंच रहे हैं, जो इस रक्तदान कैंप का भी हिस्सा बनेंगे। इंसाफ मार्च में परिवार व फैंस मांगेंगे जस्टिस पंजाब में आज कई जगहों पर इंसाफ मार्च निकाले जा रहे हैं। जिनमें एक मानसा में परिवार की तरफ से भी निकाला जा रहा है। यह मार्च बारह हटां से निकलेगा, जो बस स्टैंड तक जाएगा। हाथों में कैंडल्स पकड़ फैंस सिद्धू के लिए इंसाफ की मांग करेंगे। इसी तरह एक मार्च दशहरा ग्राउंड खरड़ में भी आयोजित किया जा रहा है। शाम 6 बजे यहां फैंस सिद्धू मूसेवाला को श्रद्धांजलि देंगे, वहीं इंसाफ की मांग भी उठाएंगे। सिद्धू की थार दर्दनाक हत्या की भरती है गवाही सिद्धू मूसेवाला की थार उनकी दर्दनाक हत्या की गवाही भरती है। सिद्धू की हत्या के बाद उनकी लास्ट राइड थार को तकरीबन 6 महीने पुलिस ने थाने में खड़े रखा। दिसंबर-2022 में गाड़ी उनके माता-पिता को वापस मिली। इकलौते बेटे की इस गाड़ी से सिद्धू के पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर को खास लगाव है। इसी वजह से उन्होंने इसे सहेजने का फैसला किया। सिद्धू के फैंस में भी उनकी इस गाड़ी को लेकर अलग ही क्रेज दिखता है। दिल्ली से रिफर्बिश हुई थार परिवार ने दिसंबर-2022 में थार जीप को रिफर्बिश के लिए दिल्ली की -ऑटो डैडी कस्टम- कंपनी के पास भेजा जो गाड़ियों की मॉडिफकेशन के लिए मशहूर हैं। कंपनी ने 25 दिन तक इस पर काम किया। दरअसल, जिस समय सिद्धू की ये जीप पुलिस ने परिवार को हैंडओवर की, तब इस पर गोलियों और खून के निशान थे। मिट्टी से सनी गाड़ी का रेडिएटर और टायर वगैरह फट चुके थे। शीशे भी टूटे थे। ऑटो डैडी कस्टम के डायरेक्टर अंश चौधरी बताते हैं कि जीप उनके पास भेजते समय परिवार ने एक ही बात कही थी और वो ये कि इसकी ओरिजिनलिटी खत्म नहीं होनी चाहिए। थार पर 32 गोलियों के निशान अंश चौधरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- इस थार पर गोलियों के 32 निशान थे। हमें इन सभी को प्रिजर्व करना था। साइड ग्लास टूट चुके थे और फ्रंट ग्लास पर भी गोलियों के निशान थे। गाड़ी को उसी तरह गोलियों के निशान के साथ संभालना कोई बड़ी बात नहीं थी। असल दिक्कत, फ्रंट शीशा था। सिद्धू के पिता बलकौर सिंह और मां चरण कौर गाड़ी की विंडशील्ड पर बने गोलियों के निशानों को मिटाना नहीं चाहते थे। एक्सपर्ट्स के साथ बातचीत के बाद निकला हल थार का फ्रंट ग्लास न हटाना पड़े और गोलियों के निशान बरसों तक विंडशील्ड पर बने रहें, इसके लिए एक्सपर्ट्स से बातचीत के बाद उसे भी रिफर्बिश करने का फैसला किया गया। केमिकल का प्रयोग कर बिना फ्रंट ग्लास को उतारे निशानों को प्रिजर्व किया गया। अन्यथा कार चलने और हवा के प्रैशर से वह टूट सकता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। उस पर गोलियों के निशान रहेंगे और वह टूटेगा भी नहीं।
One-Year-Has-Passed-Since-The-Murder-Of-Punjabi-Music-King-Moosewala-Many-Claims-Of-The-Government-None-Has-Been-Completed-The-Mother-Said-That-It-Has-Been-A-Year-Since-The-Son-Saw-You-