जालंधर। पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार बरजिंदर सिंह हमदर्द को विजिलेंस ऑफिस में पेश नहीं हुए। जालंधर के करतारपुर स्थित जंग-ए-आजादी स्मारक के विवाद को लेकर जांच के लिए उन्हें तलब किया गया था। उन्होंने एक चिट्ठी भेज कर कहा है कि उन्हें विजिलेंस के पास पेश होने के लिए 10 दिन का समय दिया जाए। हालांकि अभी तक विजिलेंस की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है कि उन्हें 10 दिन की मोहलत दे दी गई है या नहीं। इसी बीच बरजिंदर सिंह हमदर्द पर पंजाब सरकार द्वारा विजिलेंस के माध्यम से करवाई जा रही कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया है और राजनीति गर्मा गई है। कांग्रेस कमेटी ने सरकार के खिलाफ एक प्रस्ताव पेश किया है। कांग्रेस ने बुलाई सर्वदलीय बैठक जंग-ए-आजादी स्मारक की मैनेजमेंट कमेटी से त्यागपत्र दे चुके बरजिंदर सिंह हमदर्द को विजिलेंस द्वारा तलब किए जाने के विरोध में कांग्रेस ने जालंधर में सरकार के फैसले के विरोध में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। यह बैठक कांग्रेस कमेटी ने 1 जून को दोपहर 1 बजे बुलाई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार दमनकारी नीतियों को अपनाकर मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की बैठक जिसमें सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पास किया गया उसमें कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, नवजोत सिंह सिद्धू, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, सांसद मनीष तिवारी, पूर्व उपमुख्यमंत्री रंधावा, पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सोनी, भारत भूषण आशू, गुरकीरत कोटली और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।
Barjinder-Hamdard-Did-Not-Appear-In-The-Vigilance-Office-Asked-For-10-Days-Time-By-Sending-A-Letter-Congress-Called-An-All-Party-Meeting-Against-The-Government