अमृतसर। पंजाब के सरहदी इलाकों का दौरा करने पर आम आदमी पार्टी के मंत्रियों द्वारा सवाल उठाने पर राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने जवाब दिया है। गवर्नर ने कहा- मंत्री क्या बोलते हैं, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। इसके पीछे राजनीतिक कारण हो सकते हैं। मैं राजनीति नहीं करता। मैं अपना काम कर रहा हूं। जहां अच्छे काम होते हैं, मैं वहां पुलिस व प्रशासन की तारीफ भी करता हूं। जहां कमी दिखेगी, मैं बोलूंगा। चाहे किसी को अच्छा लगे या बुरा। गौरतलब है कि गवर्नर के सरहदी इलाकों के दौरे पर निकलने के बाद AAP मंत्रियों ने सवाल खड़े किए थे। उन्होंने इसे गवर्नर का काम नहीं बताया था। यह सवाल गवर्नर के पहले पंजाब बॉर्डर एरिया के दौरे के समय भी उठते रहे हैं। लेकिन पहली बार उन्होंने इसका जवाब दिया है। बॉर्डर को मजबूत करने की कोशिश गवर्नर ने बताया कि यह उनका ऑफिशियल चौथा व अन-ऑफिशियल 5वां दौरा है। इस दौरान जो-जो निर्णय लिए गए, उसका अब असर दिखने लगा है। पंजाब का गवर्नर बनने के बाद उनकी सबसे पहली कोशिश पाकिस्तान बॉर्डर को मजबूत करने की थी, ताकि पाकिस्तान की हरकतों को रोका जा सके। 5 बार यहां आने के बाद सबसे पहले बॉर्डर एरिया के लोगों व सरपंचों से मिले, ताकि सरहद की दिक्कत को समझा जा सके। बॉर्डर पर हर समय तैनात रहने वाली बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के अलावा आर्मी, स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसी NIA के बीच समन्वय बनाया गया। इसके परिणाम अब देखने को मिले। बीते कुछ समय से बॉर्डर पर ड्रोन को गिराने की संख्या में इजाफा हुआ है। यह एक बड़ी सफलता है। बॉर्डर के गांवों में सुरक्षा समितियां गवर्नर ने बताया कि यहां दूसरा काम बॉर्डर एरिया के गांवों में सुरक्षा समितियां बनाने का था। हर जिले के एसएसपी व डीसी ने मिलकर सरहद के साथ लगते 10 किलोमीटर एरिया में समितियों का गठन किया। इस समिति में 11 से 15 लोग हैं। 10 किलोमीटर के हर गांव को कवर करने के बाद अब 5 और किलोमीटर के गांव इस स्कीम में लाए जाएंगे। समितियों से मिली तस्करों की जानकारियां गवर्नर ने बताया कि सरहद पार के तस्कर तभी अपनी नापाक इरादों को अंजाम दे पाए, जब यहां के गांव के कुछ शरारती तत्वों ने साथ दिया। यह शरारती तत्व पुलिस की नजरों से बच सकते हैं, लेकिन गांव के लोगों को इनका पता होता है। गांव का कोई भी व्यक्ति अपने गांव के शरारती तत्व से दुश्मनी नहीं लेना चाहेगा। इसी को सोच कर सुरक्षा समितियों को बनाने का निर्णय लिया गया। इन सुरक्षा समितियों के सदस्यों के सीधे डीसी व एसएसपी से संबंध हैं। हर गलत हरकत अब पुलिस के पास जा रही है। गवर्नर पुरोहित ने कहा कि जिस तरह से समितियां काम कर रही हैं, इन्हें सम्मान देना भी बनता है। इसलिए इन सभी समितियों के सदस्यों को अब ड्रेस दी जाएगी। ताकि इनकी अलग पहचान बन सके। ड्रोन मूवमेंट को रोकने के लिए चल रहे प्रयोग बॉर्डर पर ड्रोन मूवमेंट काफी बढ़ चुकी है। कई ड्रोन गिराए जा रहे हैं, लेकिन जो इनपुट केंद्र को मिल रही है, ये चिंता का विषय है। इसके लिए आर्मी के साथ मिलकर BSF नवीनतम तकनीकों पर रिसर्च कर रही है। कई प्रशिक्षण सफल भी हुए हैं। कोशिश है कि इनका प्रयोग इस साल ही बॉर्डर पर किया जा सकेगा, ताकि मजबूत सरहद का निर्माण किया जा सके।
Controversy-Over-The-Governors-Visit-To-The-Border-Area-Purohit-Bluntly-On-The-Question-Of-Aap-Ministers-I-Do-Not-Care-Their-Political-Motive