चंडीगढ़। पंजाब में मान सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में कई अहम फैसले लिए। उन्होंने कहा कि जल्द असिस्टेंट प्रोफेसरों की पोस्टों के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। इसके लिए आयु सीमा 37 साल से बढ़ाकर 42 साल कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), सिख गुरुद्वारा एक्ट-1925 के अंतर्गत गठित की गई थी। लेकिन गुरुद्वारा एक्ट-1925 में ब्रॉडकास्ट या लाइव टेलीकास्ट का कोई जिक्र नहीं है। इस कमेटी पर केवल एक परिवार का ही कब्जा रहा है। इसके बाद एक टेलीविजन चैनल खोल कर धर्म के आधार पर सिख समुदाय की भावना को कैश करने की सोच रखी गई। इसके तहत साल 2012 में 11 साल के लिए सचखंड श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी के प्रसारण के अधिकार खरीदे गए। इस कारण लोगों को गुरबाणी संबंधित विशेष चैनल लगवाने को मजबूर किया गया। मान बोले- अब बिना पैसे दिए फ्री में होगा प्रसारण CM मान ने कहा कि न तो वह गुरुद्वारा एक्ट में संशोधन कर रहे हैं, न ही प्रसारण संबंधी अधिकार किसी सरकारी पक्ष को दिला रहे हैं, न ही उनके किसी रिश्तेदार का चैनल है, जो उसे दिला रहे हों। उन्होंने कहा कि वह गुरबाणी के प्रचार-प्रसार के लिए खुले अवसर देने के हकदार हैं। एक विशेष चैनल का नाम लेते हुए कहा जहां वह नहीं चलता, वहां लोग गुरबाणी नहीं सुन सकते। उस विशेष चैनल को ऐतराज क्या है, जब पहले टेंडर या पैसे देकर गुरबाणी का प्रसारण किया जाता रहा, अब तो फ्री में सुविधा मिलेगी। प्रसारण के आधे घंटे पहले और बाद में विज्ञापन नहीं चलेंगे। जुलाई 2023 में खत्म हो रहा टेंडर मान ने कहा कि जुलाई 2023 में बादलों के चैनल के साथ एग्रीमेंट खत्म हो रहा है, लेकिन यदि पंजाब सरकार ने अब बदलाव नहीं किया तो गुरबारणी प्रसारण को दोबारा 11 साल के लिए गिरवी रख दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मसंदों से गुरुद्वारे छुड़वाए गए, ठीक उसी तर्ज पर मॉडर्न मसंदों से पवित्र गुरबाणी छुड़वाने की घड़ी है। इसके लिए बड़े-बड़े वकीलों के साथ विचार-विमर्श भी किया गया है। CM मान ने पढ़कर सुनाए सुप्रीम कोर्ट के आदेश CM मान ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के वह आदेश सुनाए जब हरियाणा में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गठित की जा रही थी। उस दौरान पंजाब की SGPC ने इसे इंटर स्टेट एक्ट का हवाला देते हुए कहा कि इसे राज्य सरकार नहीं, बल्कि वही बना सकते हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट द्वारा इसे इंटर स्टेट एक्ट नहीं है, राज्य एक्ट बताया। कहा गया कि हरियाणा अपनी बना सकता है, दिल्ली की अपनी है और पंजाब अपनी बना सकता है। बोले- अपने फायदे के लिए बयान बदलते हैं विरोधी दल CM मान ने कहा कि विरोधी दल के नेता कहते हैं कि पंजाब के सभी फैसले दिल्ली से होते हैं। अब स्वयं कह रहे हैं कि इस मामले पर दिल्ली फैसला करे। जहां से विरोधी दलों को फायदा होता हो, वह फैसले दिल्ली से कराने को कहते हैं लेकिन जहां इन्हें कोई नुकसान हो, तो भगवंत मान को बुरा कहने लगते हैं।
Decision-To-Broadcast-Free-Gurbani-In-Punjab-Cm-Mann-Said-It-Is-Occupied-By-A-Family-Ads-Will-Not-Play-Before-And-After-Half-An-Hour