September 18, 2026 03:50:50
गुरबाणी प्रसारण प्रस्ताव पर भड़की Sgpc:धामी बोले- यह काम केंद्र सरकार का, मान को एक्ट में संशोधन करने

गुरबाणी प्रसारण प्रस्ताव पर भड़की Sgpc:धामी बोले- यह काम केंद्र सरकार का, मान को एक्ट में संशोधन करने का अधिकार नहीं

Jun19,2023 | Enews Team | Amritsar

अमृतसर। मुख्यमंत्री भगवंत मान के श्री हरिमंदिर साहिब से गुरबाणी प्रसारण को लेकर किए गए ट्वीट के बाद से ही विवाद शुरू हो गया है। सीएम भगवंत मान ने आज विधानसभा सत्र में गुरबाणी प्रसारण पर प्रस्ताव लाने की बात कही है। जिसके बाद सबसे पहले शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसका विरोध किया। वहीं अकाली दल इसके विरोध में है और कुछ कांग्रेसी नेता इसके समर्थन में हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा- "मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान जी, सिखों के धार्मिक मामलों को भ्रमित करने की कोशिश न करें। सिख मामले संगत की भावनाओं और सरोकारों से जुड़े होते हैं, जिनमें सरकारों को सीधे दखल देने का कोई अधिकार नहीं है।" आप सिख गुरुद्वारा अधिनियम 1925 में संशोधन करके एक नई धारा जोड़ने की बात कर रहे हैं, जिसकी प्रक्रिया आप नहीं जानते। यह कार्य भारत सरकार द्वारा केवल संसद में सिख समुदाय द्वारा चुनी गई संस्था शिरोमणि समिति की सिफारिशों से किया जा सकता है। पंजाब सरकार को इस एक्ट में संशोधन करने का कोई अधिकार नहीं है। अपने राजनीतिक हितों के लिए देश को भ्रमित न करें। गुरबाणी का प्रसारण कोई साधारण प्रसारण नहीं है, इसकी पवित्रता और मर्यादा की उपेक्षा नहीं की जा सकती। सुखबीर बादल ने इसे गुरुधामों पर कब्जे का पहला कदम बताया सुखबीर बादल ने ट्वीट कर अपना रोष जाहिर किया। बादल ने कहा- केजरीवाल की आप सरकार के मुख्यमंत्री की पवित्र सिख गुरबानी को लेकर की गई घोषणा खालसा पंथ और सिख धर्मस्थलों पर सीधा सरकारी हमला है। यह घिनौना फैसला सिख समुदाय से गुरबाणी का प्रचार करने का अधिकार छीनकर गुरुधामों को अपने कब्जे में लेने की दिशा में सरकार का पहला खतरनाक और साहसिक कदम है। इस फैसले से श्री हरमंदिर साहिब पर मुगलों, अंग्रेजों और इंदिरा गांधी के दमन की याद आ गई है, लेकिन खालसा पंथ इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। इससे एक बात और साफ हो गई है। जो लोग कल तक शिरोमणि अकाली दल द्वारा सिक्ख कौम को बार-बार दी जा रही चेतावनी को केवल राजनीतिक बताते थे, कि सरकारें सिख धार्मिक स्थलों पर सीधे कब्जा करने का जघन्य षडयंत्र कर रहे हैं। आज श्री हरमंदिर साहिब से गुरबाणी केजरीवाल की पार्टी की सरकार के प्रवाह पर कब्जा करने की इस कायरतापूर्ण साजिश से उनकी आंखें खोल देनी चाहिए। यदि गुरु मर्यादाओं के अनुसार पवित्र गुरबानी को संगत तक पहुंचाने का अधिकार सिख संगत और उसके चुने हुए प्रतिनिधियों के बजाय सरकारों को सौंप दिया जाता, तो सिख समुदाय को अकथनीय और असहनीय यातनाएं और अनगिनत अभूतपूर्व बलिदान सहने पड़ते। गुरुधामों को सरकार से मुक्त करने के लिए क्यों गुरबाणी के प्रसारण को लेकर भगवंत मान सरकार ने जो फैसला सुनाया है उसका खामियाजा खालसा पंथ के गुरुधामों पर ही नहीं बल्कि सिख समुदाय पर भी पड़ा है।

Sgpc-Agitated-Over-Gurbani-Broadcast-Proposal-Dhami-Said-This-Is-The-Work-Of-The-Central-Government-Mann-Has-No-Right-To-Amend-The-Act



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