यशपाल शर्मा, लुधियाना लुधियाना के फिरोजगांधी मार्केट स्थित लुधियाना स्टॉक एक्सचेंज की मेसर्स एलएससी सिक्योरिटीज लिमिटेड द्वारा की गई अनियमितताओं और गड़बड़ी पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) ने बड़ा एक्शन लेते हुए नए ग्राहक बनाने और एपी ( आथोराइज पर्सन ) को शामिल करने पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। एनएसई की ओर से एलएससी सिक्योरिटीज की बुक्स इंस्पेक्शन में सुनिश्चित रिटर्न योजनाएं/अनधिकृत पोर्टफोलियो प्रबंधन, आशाजनक सूचक गारंटीकृत/निश्चित रिटर्न/भुगतान सेवाएं आदि कई अन्य तरह की गड़बड़ियां पकड़ी थी। जिसके बाद आज इस मामले में एनएसई की ओर से गठित पांच सदस्य कमेटी ने अपना फैसला सुनाते हुए एसएससी सिक्योरिटीज पर नए ग्राहक बनाने और एपी को शामिल करने पर प्रतिबंध लगा दिया। उल्लेखनीय है कि एलएससी सिक्योरिटीज लिमिटेड एनएसईएल के साथ पंजीकृत एक व्यापारिक सदस्य है, जो दिसंबर 2000 से पूंजी बाजार में व्यापार करने में सक्षम है। गठित कमेटी की ओर से जारी कारण बताओ नोटिस में लुधियाना स्टॉक एक्सचेंज के निदेशक राकेश गुप्ता, अश्विनी कुमार अग्रवाल और सीईओ मंजीत सिंह लोटे को नामित किया गया था। जिनका अनुपालन अधिकारी सुमित मल्होत्रा ने उपरोक्त पदाधिकारियों का प्रतिनिधित्व किया। नाम न छापने का अनुरोध करते हुए, एलएसई के कुछ विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि इस पूरे मामले में गुप्ता और उनके साथी अग्रवाल का इस पूरे गोरखधंधे में हाथ बताया जा रहा है और आने वाले दिनों में कुछ अन्य डायरेक्टर्स के नामों पर से भी पर्दा उठ सकता है। बताया जाता है कि एनएसई की इंस्पेक्शन में इनसे पूछताछ भी की गई थी। सूत्रों ने यह भी आरोप लगाया कि गुप्ता और अग्रवाल स्टॉक हेरफेर में शामिल थे ---- करीब दो साल से चल रही मामले की जांच एलएससी सिक्योरिटीज लिमिटेड की चल रही अनियमितताओं और भ्रष्ट प्रथाओं के बारे में एनएसई को पता चलने पर जनवरी 2023 में 1 अप्रैल, 2021 से 30 नवंबर, 2022 तक की अवधि को कवर करने वाली पुस्तकों और खातों की व्यापक जांच की गई। यह पाया गया कि उपरोक्त ट्रेडिंग सदस्य एनएसईएल के नियमित प्रावधानों का अनुपालन नहीं कर रहा था, जिसके बाद एक्सचेंज ने 3 मार्च, 2023 को कारण बताओ नोटिस जारी किया। जांच में पाया गया कि मेंबर को फिक्स रिटर्न व उनके नाम पर खुद ही ऐसे खातों को मैनेज किया जाता था। अध्यक्ष मोना भिड़े की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि एलएससी सिक्योरिटीज लिमिटेड के सदस्य प्रतिभूतियों या कमोडिटी डेरिवेटिव व्यवसाय के अलावा अन्य व्यवसायों में भी लगे हुए थे, जैसे ग्राहकों/संस्थाओं के साथ ऋण व्यवस्था करना, जमा के रूप में धन एकत्र करना। या अन्य ऑफ़र के माध्यम से. निश्चित/गारंटी/आवधिक रिटर्न, कॉर्पोरेट गारंटी को मौखिक या लिखित रूप से बढ़ाने जैसे गैर कानूनी धंधे करते पाए गए, जो की एससीआर के नियम 8(3)(एफ) का घोर उल्लंघन है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कुछ सदस्य निश्चित/आवधिक भुगतान की गतिविधियों/योजनाओं में भी शामिल पाए गए, जिनकी उप-कानूनों, नियमों के तहत अनुमति नहीं है।71 ग्राहकों से जुड़े 13.14 करोड़ रुपये के 971 मामले थे, जिनमें 6 बार से अधिक धनराशि वितरित की गई। हालाँकि, नोटिस लेने वाले ने 27 मार्च, 2023 और 24 मई, 2023 के पत्र के माध्यम से उपरोक्त आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि ऐसा एक भी उदाहरण नहीं है जहां ग्राहकों को अपर्याप्त और/या नकारात्मक शेष के साथ भुगतान किया गया हो। इसके लिए नोटिस लेने वालों ने एक चार्टर्ड अकाउंटेट से ऐसी कोई गैर कानूनी गतिविधि न करने का सर्टिफिकेट भी कमेटी को भेजा, लेकिन जो दावे एलएससी की ओर से अपने जबाव में किए गए, उसके संबंधित दस्तावेज, स्टेटमेंट और क्लाइंट को भेजी जाने वाली ई मेल या रिर्कार्डिड फोन कॉल का कोई डाटा उपलब्ध नहीं करवा पाए। जांच कमेटी की पड़ताल में ये भी सामने आया कि कुछ मामलों में फिक्स डिपाजिट भुगतान भी क्लाइंट किया जा रहा है, जो अमान्य है।
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