चंडीगढ़। पंजाब सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के 2 और फर्जी सर्टिफिकेट रद्द किए गए हैं। सामाजिक न्याय अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने सर्टिफिकेट कैंसिल करने और जब्त करके आदेश दिए। अनुसूचित जाति के फर्जी सर्टिफिकेट धारकों की पहचान बलविंदर कुमार पुत्र चमन लाल निवासी ममदोट, फिरोजपुर और जसवीर कौर पुत्री केहर सिंह, हिंदी अध्यापिका, सरकारी मिडिल स्कूल जंडपुर, SAS नगर के रूप में हुई। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि अनुसूचित जाति के उक्त दोनों फर्जी सर्टिफिकेट राज्य स्तरीय स्क्रूटनी कमेटी को जांच में नकली मिले। इसके बाद समिति द्वारा उन्हें रद्द किया गया।
इन शिकायतों पर हुआ खुलासा
जसवीर सिंह पमाली सदस्य कोर समिति श्री गुरु रविदास फेडरेशन, गांव पमाली, लुधियाना द्वारा पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग को शिकायत दी गई थी। शिकायत में बलविंदर कुमार का अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट फर्जी बताया गया। इस आधार पर बलविंदर कुमार ने BSC ( कृषि) की डिग्री और गुरू अंगद देव यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी साइंसिज लुधियाना में नौकरी हासिल की हुई है। बलवीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह गांव आलमपुर पटियाला ने पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें SAS नगर के गांव जंडपुर के सरकारी मिडिल स्कूल की हिंदी अध्यापिका जसवीर कौर ने जट्ट सिख जाति संबंधी होने के बावजूद अनुसूचित जाति का सर्टिफिकेट बनवाया।
मंत्री ने फर्जी सर्टिफिकेट जब्त करने के दिए आदेश
शिकायतों की जांच सामाजिक न्याय, अधिकारिता विभाग को सौंपी गई। फिर राज्य स्तरीय स्क्रूटनी समिति ने विजिलेंस सेल की रिपोर्ट पर बलविंदर कुमार और जसवीर कौर के अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट फर्जी होने की पुष्टि की। इसके बाद दोनों सर्टिफिकेट रद्द करने का फैसला किया गया। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि विभाग ने फिरोजपुर के DC को पत्र लिखकर बलविंदर कुमार के अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट नंबर 471 तारीख 14 जनवरी 1993 और SAS नगर के DC को जसवीर कौर के अनुसूचित जाति सर्टिफिकेट नंबर 151 तारीख 20 जुलाई 1990 को जब्त करने को कहा।
Sc-Certificate-Of-Gadvasu-Employee-And-School-Teacher-Turned-Out-To-Be-Fake-Minister-Ordered-To-Cancel-And-Confiscate-Both-The-Certificates