अमृतसर। पटियाला में घग्घर का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। घग्घर का जल स्तर 748 फीट से भी ऊपर हो गया है, जो बीते कुछ दिनों से 744 फीट के करीब पहुंच गया था। जिससे एक बार फिर चिंता बढ़ने लगी है। अभी तक घग्घर की दरारों को भरा नहीं गया है। ऐसे में दोबारा से कई खेत पानी में डूब गए हैं। लुधियाना के दो युवक सतलुज नदी में बहकर पाकिस्तान पहुंच गए। दोनों युवक फिरोजपुर के गजनीवाला गांव की तरफ से बह कर बॉर्डर पार पहुंचे हैं। वह अब पाकिस्तानी रेंजर्स की गिरफ्त में है और BSF अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं। फिलहाल BSF या पंजाब के किसी अधिकारी ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
सिद्धू मूसेवाला के गांव में गिरी छत
वहीं मानसा के सिद्धू मूसेवाला के गांव मूसा में बारिश से घर की छत ढह गई। मलबे के नीचे सो रहे पति-पत्नी दब गए। गांव वासियों ने उन्हें मलबे से निकाल कर मानसा के सिविल अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाया। यहां से दोनों को पटियाला रेफर कर दिया, लेकिन पटियाला जाते समय रास्ते में महिला रानी कौर (48) की मौत हो गई। मृतका के 2 बेटे और 2 बेटियां हैं। भाखड़ा डैम का जलस्तर आज 1660 फीट उधर, भाखड़ा बांध में जलस्तर खतरे के निशान से 20 फीट नीचे ही रह गया है। आज जलस्तर 1660.71 फीट पर जा पहुंचा है। यहां पानी की आमद 63884 क्यूसेक दर्ज की गई है। वहीं डैम से टरबाइनों के माध्यम से 41535 क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया। नंगल डैम से नंगल हाइडल नहर में 12350, आनंदपुर साहिब हाइडल नहर में 10150 क्यूसेक, सतलुज दरिया में 19400 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
बिजली पैदा करने में जुटा भाखड़ा बांध
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड ने फ्लड गेट न खोलकर एक बड़ा कदम उठाया है, लेकिन इसी प्राकृतिक आपदा में भी बीबीएमबी ने सूझबूझ दिखाते हुए बिजली प्रोडक्शन को बढ़ा दिया है। बीबीएमबी ने भाखड़ा बांध में पानी का स्तर 1660 के पार होने पर भी फ्लड गेट नहीं खोले, लेकिन बीते दिन जहां 25 हजार क्यूसेक पानी भाखड़ा बांध टरबाइनों के माध्यम से छोड़ रहा था, अब यह 41 हजार क्यूसेक के करीब छोड़ रहा है, जिससे बिजली उत्पादन बढ़ता जा रहा है।
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