चंडीगढ़। पंजाब राज्य महिला आयोग की पूर्व चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने गुलाटी के चंडीगढ़, सेक्टर-39 के सरकारी मकान को खाली करने के आदेश पर रोक लगाई है। साथ ही पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर 14 सितंबर तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने मनीषा गुलाटी को पंजाब महिला आयोग के चेयरपर्सन पद पर दी एक्सटेंशन रद कर उन्हें पद मुक्त कर दिया था। फिर हाईकोर्ट ने 28 मार्च को गुलाटी की याचिका को खारिज कर पंजाब सरकार का फैसला सही करार दिया था। सिंगल बेंच के फैसले के खिलाफ मनीषा गुलाटी ने हाईकोर्ट की डबल बेंच में अपील की। इस पर हाईकोर्ट द्वारा पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया गया और यह याचिका फिलहाल विचाराधीन है।
पंजाब सरकार ने गुलाटी को लिख पत्र
पंजाब सरकार द्वारा 13 जुलाई को मनीषा गुलाटी को लिखे पत्र में कहा गया था कि वह सेक्टर-39 का सरकारी आवास खाली कर दें। क्योंकि वह अब पंजाब राज्य महिला आयोग में बतौर चेयरपर्सन सेवा में नहीं है। मनीषा गुलाटी ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने मकान खाली करने के आदेशों पर रोक लगाते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
चरणजीत सिंह चन्नी के मीटू मामले को उठाया
कैप्टन अमरिंदर सिंह की खास मनीषा गुलाटी सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के मीटू मामले को उठाने के बाद लाइमलाइट में आई थी। मनीषा गुलाटी महिलाओं के हक में फैसले को लेकर चर्चा में रही थीं। महिलाओं की दिक्कतों के अलावा विदेश भाग चुकी महिलाओं के पतियों की आवाज भी मनीषा गुलाटी ने उठाई थी। मनीषा गुलाटी कैप्टन अमरिंदर सिंह की नजदीकी मानी जाती हैं। कैप्टन ने ही सीएम बनने के बाद मनीषा को चेयरपर्सन का पदभार सौंपा था।
तीन वर्ष के लिए नियुक्ति
मनीषा गुलाटी ने सीनियर एडवोकेट चेतन मित्तल के के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट को बताया था कि उनकी नियुक्ति तय प्रक्रिया के तहत तीन वर्ष के लिए 13 मार्च 2018 को की गई। फिर 18 सितंबर 2020 से 19 मार्च 2021 और फिर 18 मार्च 2024 तक एक्सटेंशन तय प्रक्रिया के तहत की गई थी। याची ने बताया कि पंजाब सरकार ने 31 जनवरी को उनके एक्सटेंशन आदेश को रद करते हुए बताया था कि उन्हें एक्ट का उल्लंघन कर सेवा विस्तार दिया था।
एक्सटेंशन रद का आदेश गलत बताया
मनीषा गुलाटी ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका में कहा कि जिस अथॉरिटी व एक्ट के तहत उन्हें नियुक्ति दी गई, उसी के अनुसार उन्हें सेवा विस्तार भी दिया जा सकता है। ऐसे में उन्होंने एक्सटेंशन रद्द करने का आदेश गलत बताते हुए फैसला रद्द करने की मांग की थी।
पहले फैसला वापस लिया, दोबारा पद से हटाया
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को 15 फरवरी 2023 को गुलाटी को पद से हटाने का निर्णय वापस लेने की जानकारी दी थी। ऐसे में हाईकोर्ट द्वारा याचिका का निपटारा किया गया। लेकिन पंजाब सरकार ने गुलाटी को पद से हटाने का आदेश दोबारा जारी किया। इस आदेश में कारण स्पष्ट नहीं होने और आदेश की वैधता को भी चुनौती दी गई थी। लेकिन हाईकोर्ट द्वारा इस याचिका को खारिज कर दिया गया था।
Relief-From-The-High-Court-To-Manisha-Gulati-Former-Chairperson-Of-The-Womens-Commission-Stay-On-The-Order-To-Vacate-The-Government-House-Notice-Issued-To-Punjab-Government