चंडीगढ़। सरकार को रेवेन्यू के नाम पर चूना लगाने वाले कारोबारियों पर सेंट्रल जीएसटी विभाग की टीम की आंखें गड़ी हुई हैं। विभाग द्वारा जिन आरोपियों तेजी और उसके साथी को पकड़ा गया, उनके लिंक करोड़ों की बोगस बिलिंग करने वालों से बताए जा रहे हैं। हालांकि विभाग ने अभी तक इस मामले में अपनी तरफ से कोई डिटेल शेयर नहीं की है। सूत्र बताते हैं कि बीते दिनों नोएडा में हुए 14 हजार करोड़ के बोगस बिलिंग मामले में नोएडा से लेकर पंजाब तक कई नामी चेहरे शामिल हैं। जिसमें कई राजनीतिक पार्टियों के नेता भी शामिल हैं। कुछ समय पहले विभाग को जानकारी मिली कि नोएडा में बैठकर कुछ लोग जाली फर्में तैयार कर रहे थे। उन्होंने उक्त फर्मों के माध्यम से ही कई हजार करोड़ की बोगस बिलिंग करके रिफंड ले लिया। जब विभाग की पकड़ में ये सब आया तो उन्होंने कुरेदना शुरू किया, जिसमें आरोपियों की लिस्ट लंबी होती गई। इसमें लुधियाना के आरोपियों के नाम सामने आए तो विभाग ने उन पर कार्रवाई कर दी। क्योंकि उनके माध्यम से भी कई जाली फर्में तैयार की गई थीं। जिनकी संख्या करीब दो दर्जन बताई जा रही है।
सफाई सेवकों के नाम से बनाई कई फर्म
इन फर्मों में से आरोपियों द्वारा कुछ फर्में अपने सफाई कर्मचारियों के माध्यम से तैयार की गई थीं। सूत्रों की मानें तो इन फर्मों से ही 200 से 250 करोड़ की बिलिंग हुई है। उन्होंने इन फर्मों के माध्यम से ही आगे भी कारोबारियों के साथ डीलिंग तो की, लेकिन टैक्स चुराते रहे। अब उन्हीं का बहीखाता विभाग खोलकर बैठा है। क्योंकि इनके लिंक मुख्यारोपियों के साथ बताए जा रहे हैं। पहले दिन से एक भाजपा नेता और अन्य नेताओं के नाम इस मामले में उछल रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पड़ताल में ये भी सामने आया है कि वो नेता उन्हें बचाने के लिए पैसे लेते थे। उन्होंने खुद भी उनके साथ कुछ फर्में तैयार की हुई थीं।
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