अमृतसर। पंजाब के 8 जिले बाढ़ की चपेट में आए गए हैं। भाखड़ा डैम के फ्लड गेट खोलने से सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ा। जिसका असर रोपड़ पर पड़ा। वहीं पौंग डैम से छोड़े पानी ने होशियारपुर, गुरदासपुर, कपूरथला के बाद अब अमृतसर, तरनतारन और फिरोजपुर को अपनी चपेट में ले लिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान बाद दोपहर बाढ़ ग्रस्त एरिया का जायजा लेने के लिए होशियारपुर पहुंचे हैं। CM मान ने कहा कि तेलंगाना की तर्ज पर पंजाब में अब चैक डैम बनाए जाएंगे, ताकि पाकिस्तान जाने वाला पानी स्टोर किया जा सके। इससे जमीनी पानी का स्तर को भी ऊंचा किया जा सकेगा। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इस पानी को पंपों की सहायता से खेतों तक भी पहुंचाया जाएगा।
पौंग डैम से छोड़े पानी से गुरदासपुर में सबसे अधिक मार देखने को मिल रही है। गुरदासपुर के श्री हरगोबिंदपुरा में बरसाती नाले का पानी देखने गए दो बच्चे बह गए। जिससे उनकी मौत हो गई। जिनकी पहचान जसकरण सिंह उम्र 14 वर्ष वह दिलप्रीत सिंह उम्र 13 वर्ष है। वहीं होशियारपुर के कई गांवों को खाली करवाया जा चुका है। कपूरथला के विधानसभा क्षेत्र भुलत्थ के गांवों में कई मवेशी बाढ़ के पानी में बह गए। वहीं अब ब्यास का असर अमृतसर, तरनतारन व फिरोजपुर में भी दिखना शुरू हो दिया है।
हमारे सामने दो लक्ष्य पानी भी बचाना व कुदरत से छेड़छाड़ भी नहीं
पंजाब में बिजली समझौतों पर बोलते हुए सीएम भगवंत मान ने राज्य में बाढ़ के हालातों पर भी चिंता जाहिर की। सीएम मान ने कहा- बाढ़ व प्रकृतिक आपदा से सीखने की जरूरत है। हमने पानी के रास्तों पर निर्माण कर दिए। कई ऊंचे-ऊंचे रोक लगाए और सड़कें चौड़ी करने के नाम पर पानी का रास्ता छोटा कर दिया। लेकिन पानी ने बता दिया कि मैं यहीं से निकलूंगा। सीएम ने कहा कि हिमाचल में बारिश का असर पंजाब में आ रहा है। अभी भाखड़ा की कैपेसिटी 1680 फीट है। लेकिन इसका चार फीट नीचे 1676 फीट जलस्तर है। पौंग डैम की कैपेसिटी 1390 फीट है और यह 1396 फीट तक चला गया है। इसमें से कल तक 1.17 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। लेकिन पानी की आमद कम होने के कारण इसकी निकासी कम कर दी गई है। शाम तक 1 लाख छोड़ा जाएगा। घग्घर व रावी सुरक्षित है। हरीके हेड्स से आगे पानी छोड़ा जा रहा है। फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
गुरदासपुर के 50 गांव बाढ़ की चपेट में
पौंग बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गुरदासपुर जिले में ब्यास नदी ने दीनानगर, गुरदासपुर और काहनूवान क्षेत्रों में लगभग 50 गांव जलमग्न हो गए हैं। जिनमें से लगभग 12 गांव विशेष रूप से गंभीर बाढ़ का सामना कर रहे हैं। 15 नावों वाली टीमों ने 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला। सबसे अधिक प्रभावित गांवों में चिचिया चोरोइया, पखोवाल, दाऊवाल, खैरा, दलेरपुर, पदाना, चिन्ना बैत, नडाला, जगपुर कलां, कोहलियान और खारियान शामिल हैं। वहीं धुस्सी बांध टूटने से जगतपुर टांडा और भैन पसवाल क्षेत्र प्रभावित हुए। DC हिमांशु अग्रवाल ने कहा कि बाढ़ ग्रस्त एरिया में 9 इंच तक पानी कम हुआ है।
अमृतसर में ब्यास 744 गेज तक पहुंचा
अमृतसर के गांव शेरोबागा के घर पानी की चपेट में आ गए। जिसके बाद शाम को NDRF की टीमों ने 26 लोगों और 30 पालतू जानवरों को सुरक्षित निकाला। इसी दौरान गांव के गुरुघर में रखे श्री गुरु ग्रंथ साहिब को भी सम्मान सहित सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। अमृतसर के ब्यास में नदी खतरे के निशान 744 गेज को छू गई है, वहीं ब्यास नदी में पानी का बहाव 1.40 लाख क्यूसेक आंका जा रहा है। अमृतसर से आगे तरनतारन व फिरोजपुर में भी ब्यास का असर दिखने लगा है। तरनतारन में गांव धुंदा में धुस्सी बांध टूट गया है। जिससे 15 हजार एकड़ जमीन पानी में डूब गई है।
Flood-In-8-Districts-Of-Punjab-Many-People-Rendered-Homeless-Cm-Bhagwant-Mann-Said-Will-Build-New-Dams-Store-Water-Going-To-Pakistan