लुधियाना। पाकिस्तान में सिखों पर हमलों के बाद अब इस्लाम कबूलने के लिए धमकियों भरे खत भेजे जाने लगे हैं। जिसके बाद पाकिस्तान में सिखों में डर का माहौल पैदा हो गया है। तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार और अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इसकी निंदा की है। जत्थेदार ने पाकिस्तान सरकार से ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। जत्थेदार ने कहा कि पाकिस्तान में सिख समुदाय पहले ही खतरों का सामना कर रहा है। सिख समुदाय के सदस्यों ने पाकिस्तानी सरकार से हस्तक्षेप करने और अपने कमजोर अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा करने का आग्रह किया है।
मिली जानकारी के अनुसार पाकिस्तान के रावलपिंडी व पंजाब साहिब में सिख परिवारों को खत मिल रहे हैं। जिन पर उन्हें इस्लाम कबूलने या पाकिस्तान छोड़ने के लिए कहा गया है। न करने पर घातक परिणाम भुगतने की भी चेतावनी दी गई है।
जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने जताई चिंता
इस पर तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि तीस साल पहले, अफगानिस्तान के काबुल, कंधार और वजीराबाद में ऐसे परिवार थे जो वहां के ऐतिहासिक गुरुओं के घरों में सेवाएं देते थे। कुछ समय पहले सिखों को चुन-चुन कर मारा गया तो उन्होंने पलायन करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, अब अफगानिस्तान में केवल पांच से सात सिख परिवार बचे हैं। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान में भी सिखों की हत्या शुरू हो गई, जिसके कारण अधिकांश सिख परिवार पाकिस्तानी पंजाब के पांजा साहिब, लाहौर और ननकाना साहिब में चले गए।
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