चंडीगढ़। पंजाब में पंचायतों को भंग करने का फैसला वापस लेने को मजबूर हो चुकी AAP सरकार अब विरोधियों के निशाने पर है। सरकार ने 31 अगस्त को सभी पंचायतों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज करने के आदेश जारी किए। इसके चंद घंटे बाद ही सरकार ने अपना ये आदेश वापस ले लिया। दरअसल, पंजाब सरकार ने 12 अगस्त को नोटिफिकेशन जारी कर राज्य की सभी पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को भंग कर दिया था जबकि इनके कार्यकाल में छह महीने बाकी थे। नोटिफिकेशन में पंचायत समितियों और जिला परिषद मेंबरों के चुनाव 25 नवंबर तक और पंचायतों के चुनाव 31 दिसंबर तक कराने की बात कही गई। पंचायतों को समय से पहले भंग करने का मामला हाइकोर्ट पहुंचा तो दो दिन पहले सरकार ने अपना आदेश वापस ले लिया। इसके बाद 31 अगस्त की सुबह सरकार ने सभी पंचायतों से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज करने का नया आदेश जारी कर दिया। इस आदेश की कॉपी सभी डिवीजनल डिप्टी डायरेक्टर्स पंचायत, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास, जिला विकास एवं पंचायत अफसरों और जोनल/रीजनल हेड्स व ब्रांच मैनेजर को भेज दी गई।
इस आदेश में लिखा गया कि चूंकि पंचायतें, पंचायत समितियां और जिला परिषदें भंग हो चुकी हैं। ऐसे में सभी बैंक खातों से लेन-देन रोक दिया जाए। इन बैंक खातों से सिर्फ सैलरी देने की अनुमति दी गई। इतना ही नहीं, यह आदेश सभी बैंक ब्रांचों पर तुरंत प्रभाव से पहुंचाने की बात भी ऑर्डर में कही गई।
चंद घंटों में जारी हुआ दूसरा आदेश
31 अगस्त को जारी हुए इस ऑर्डर के चंद घंटे बाद, डिवीजनल डिप्टी डायरेक्टर्स पंचायत, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर विकास और जिला विकास एवं पंचायत अफसरों को नया आदेश जारी किया गया। इसमें 12 अगस्त का पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को भंग करने का फैसले वापस लेने का हवाला दिया गया। साथ ही कहा गया कि इससे पहले जारी किए गए आदेश वापस लिए जा रहे हैं यानि बैंक, पंचायत, पंचायत समितियां और जिला परिषदें बैंक खातों से पहले की तरह लेन-देन कर सकेंगी।
Decision-To-Freeze-Panchayati-Bank-Accounts-Also-Cancelled-2-Orders-Issued-In-A-Single-Day-In-Punjab-Majithia-Said-The-Defeat-Of-The-Dictatorial-Government