फिरोजपुर | पंजाब पुलिस के डीएसपी द्वारा अपने ही एसएचओ समेत अन्य 11 पुलिस कर्मियों पर नशा तस्करों व गैंगस्टरों से संबंध रखने पर एसएसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करने के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। जिस एसएचओ पर डीएसपी द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उसका दावा है यदि आरोप कहीं से भी सिद्ध हुए तो वह नौकरी से इस्तीफा देने में एक मिनट की भी देरी नहीं करेंगे। परंतु, जिस डीएसपी ने उन पर यह गंभीर आरोप लगाए हैं, उनके अक्स की भी जांच होनी जरूरी है। डीएसपी के पत्र से विभाग में मची खलबली कुछ दिन पहले फिरोजपुर सिटी के डीएसपी सुरेंद्र पाल बंसल ने जिले के पुलिस कप्तान को एक पत्र भेजकर एसएचओ समेत 11 पुलिस कर्मियों पर नशा तस्करों व गैंगस्टरों से संबंध रखने का गंभीर आरोप लगाया था। कहा कि पिछले कुछ दिनों से इन लोगों द्वारा तस्करों तक पुलिस कार्रवाई की सूचना पहुंचा देने से तस्कर नहीं पकड़े जा रहे हैं। डीएसपी बंसल के उक्त पत्र से विभाग में हड़कंप मंच गया था। वह भी तब जबकि पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव द्वारा अगस्त महीने में फिरोजपुर पहुंचकर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की पीठ थपथपाई गई थी। पंजाब को नशा मुक्त बनाने में और बेहतर कार्य करने की बात कही थी। ऐसे में अब विभाग के डीएसपी बंसल द्वारा अपने अधीनस्थ एसएचओ समेत 11 पुलिसकर्मियों पर नशा तस्करों से साठगांठ रखने का गंभीर आरोप लगाकर विभाग में ही खलबली मचा दी है। आरोप वाले कई पुलिस कर्मी थाने में ही नहीं डीएसपी के उक्त पत्र के जवाब में थाना सदर एसएचओ इंस्पेक्टर अभिनव चौहान ने मोर्चा संभाला। कहा कि यदि डीएसपी बंसल द्वारा उनके ऊपर लगाए गए आरोप साबित हो जाएं तो वह अपने पद से इस्तीफा देने में एक मिनट का समय नहीं लगाएंगे, यही नहीं वह अब तक जहां भी काम किए हैं, वहां पर वह नशा तस्करों के खिलाफ ही रहे हैं। इसके अलावा जो अन्य पुलिस कर्मियों के मेरे साथ होने की बात कही जा रही है। उसमें से कई उनके थाने में ही नहीं हैं। डीएसपी बंसल ने उनके ऊपर जो आरोप लगाए हैं, ऐसा लग रहा है जैसे किसी रंजिश के चलते लगाए गए हैं। ऐसे में वह मांग करते हैं कि डीएसपी के अक्स की भी जांच होनी चाहिए। बता दें कि कुछ महीने पहले जब डीएसपी बंसल ने फिरोजपुर सिटी का जब प्रभार संभाला था तो उन्होंने स्थानीय विधायक की प्रशंसा के पुल बांधे थे। विधायक को दिया था डीएसपी बनने का श्रेय इस दौरान कहा था कि वह उनकी वजह से यहां के डीएसपी बने हैं। यही नहीं पिछले दिनों जब सतलुज दरिया में बाढ़ आई थी, उस समय वह विधायक की गाड़ी चलाते हुए दिखाई दिए थे। इसके अलावा वह किसी न किसी कारण से चर्चा में बने रहते हैं। ऐसे में अब जब आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी रहने के साथ घोर अनुशासनहीनता दिखाई दे रही है तो यह देखने वाली बात होगी कि आला अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं।
Firozpur-Dsp-Vs-Sadar-Police-Station-Sho-Inspector-Chauhan-Said-I-Will-Resign-If-Allegations-Are-Proved-Deputy-Superintendent-Should-Also-Be-Investigated