लुधियाना | फिरोजपुर रोड पर बने एलिवेटेड रोड पर ट्रैफिक शुरू होने के बाद अब पुलिस की नजर तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे ड्राइवरों पर है। स्पीड लिमिट से ज्यादा तेज गाड़ी चलाने वालों पर नकेल डालने के लिए जल्द ही यहां पर स्पीड रडार मीटर लगाए जाएंगे। इसको लेकर ट्रैफिक पुलिस ने रूप रेखा बनाने के बाद आगे की तैयारी शुरू कर दी है। भाई बाला चौक से जगराओं पुल तक डेढ़ से 2 महीने में ट्रैफिक शुरू हो जाएगा। फिलहाल एलिवेटेड रोड के जिस हिस्से में ट्रैफिक चल रहा है, वहां ट्रैफिक पर की रफ्तार पर लगाम लगाने की तैयारी है। एलिवेटेड रोड पर वाहन 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेंगे। जल्द लगेंगे स्पीड रडार मीटर पुलिस के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी आगामी योजनाओं का खुलासा संवाददाता से बातचीत में किया है। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में ट्रैफिक पुलिस फ्लाई ओवर पर स्पीड रडार मीटर लगाएगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। क्योंकि ड्राइवर खुली सड़क देख कर अपने वाहनों को काफी तेज रफ्तार में दौड़ा रहे हैं। इससे हादसे का अंदेशा भी सताने लगा है। किसी तरह का हादसा न हो इसलिए स्पीड रडार मीटर लगाने का फैसले पर जल्द अमल होगा। इसके बाद ओवर स्पीड वाहनों के चालान काटे जाएंगे। पुल पर लगे स्पीड लिमिट के बोर्ड बता दें वेरका से अयाली चौक तक जाने वाली फ्लाई ओवर पर पहले से ही ट्रैफिक स्पीड रडार तैनात है। रोजाना यहां 35 से 40 चालान भी हो रहे है। पुल पर स्पीड लिमिट के बकाया प्रशासन ने बोर्ड भी लगवाए हैं, ताकि लोग स्पीड लिमिट कंट्रोल पर रख वाहन चलाए। जुलाई महीने से सितंबर तक पुल पर करीब 4 से 5 गाड़ियों का एक्सीडेंट हो चुका है। इस वजह से अब सख्ती की गई है। स्पीड रडार ट्रेकर 1 किलोमीटर दूर से गाड़ी की स्पीड को भांप लेता है सड़क हादसों में लुधियाना 5वें नंबर पर लुधियाना शहर 2021 में हुए सड़क हादसों के मामले में देश में 5वें नंबर पर है। NCRB (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) की रिपोर्ट के मुताबिक शहर की मृत्यु दर 77.2 प्रतिशत रही। वर्ष 2020 की तुलना में लुधियाना में मृत्यु दर में 4.72 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक गुजरात का राजकोट 92.9 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है। हरियाणा का फरीदाबाद 90.9 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है, उसके बाद छत्तीसगढ़ का रायपुर (89 प्रतिशत) और पश्चिम बंगाल का आसनसोल (86.7) है।लुधियाना में 2021 में 478 सड़क हादसे हुए, जिसमें 380 लोगों की जान गई। वहीं 169 लोग घायल हुए। शहर में हर महीने लगभग 40 सड़क हादसे हुए। हर महीने 31 लोगों की मौत हुई। लुधियाना में 2020 में 388 सड़क हादसे हुए थे, जिसमें 281 लोगों की मौत हुई थी। मृत्यु दर 72.42 प्रतिशत थी, जबकि 2019 में मृत्यु दर 69.39 प्रतिशत थी। 2019 में 526 सड़क हादसों में कुल 365 लोगों की मौत हुई थी। ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों के एक अध्ययन के अनुसार, वाहनों की अधिक रफ्तार दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। ट्रैफिक पुलिस ने शहर में 45 ब्लैक पॉइंट्स की पहचान की थी, लेकिन इन पॉइंट पर मौत के कारणों को सुधारने के लिए कोई खास योजना या प्रयास नहीं किया गया। हाईवे और फ्लाई ओवर पर ज्यादा हादसे ट्रैफिक के सीनियर अधिकारियों के मुताबिक पुलिस सड़क हादसों को कम करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही है। उन्होंने कहा कि सबसे घातक सड़क दुर्घटनाएं राजमार्गों पर हुई हैं। शहर में ऐसी कोई बड़ी सड़क दुर्घटना नहीं हुई है। शहर के भीतरी इलाकों में दोपहिया वाहन चलाते वक्त हेलमेट न पहनना हादसों का एक बड़ा कारण है।
Speed-meters-Will-Be-Installed-On-Elevated-Roads-Vehicles-Will-Run-At-A-Speed-Of-60-Police-Will-Sense-Speed-From-1km-Distance-Challan-Will-Be-Issued