मुक्तसर साहिब। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में आज काम ठप रहेगा। क्योंकि श्री मुक्तसर साहिब बार एसोसिएशन के एक सदस्य वकील को पंजाब पुलिस की अमानवीय यातनाओं का शिकार होना पड़ा। इसके विरोध में पंजाब-हरियाणा बार काउंसिल ने अनिश्चितकाल के लिए काम से दूर रहने का फैसला किया है। पंजाब और हरियाणा की अदालतों में बार एसोसिएशन द्वारा कामकाज ठप करने का पता लगने पर पंजाब सरकार देर रात हरकत में आई। इसके तुरंत बाद श्री मुक्तसर साहिब के SP(D) रमनदीप सिंह भुल्लर समेत CIA इंचार्ज रमन कंबोज और चार कॉन्स्टेबल हरबंस सिंह, भुपिंदर, गुरप्रीत सिंह और दारा सिंह के खिलाफ बीती देर रात केस दर्ज कर लिया गया। इससे पहले पंजाब एवं हरियाणा बार काउंसिल ने अदालती कामकाज से दूर रहने की सूचना पंजाब-हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की सभी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व सचिव को भेज दी थी। वकीलों ने काम पर दोबारा लौटने से पहले कई मांगे रखी हैं। यह हैं वकीलों की मांगे 1. मामले की जांच पंजाब से बाहर हरियाणा या चंडीगढ़ की किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए। 2. वकील के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए। 3. पीड़ित वकील को अमानवीय यातनाएं देने वाले आरोपी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। 4. श्री मुक्तसर साहिब के SSP को तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाए। कोर्ट के आदेश, लेकिन केस दर्ज नहीं दरअसल, मुक्तसर में पुलिस द्वारा वकील पर मारपीट व अमानवीय व्यवहार के बाद कोर्ट ने पुलिस अफसरों-कर्मचारियों पर केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। लेकिन दो दिन बाद भी केस दर्ज नहीं किया गया तो बीते सोमवार को मुक्तसर बार एसोसिएशन ने कोर्ट कामकाज ठप रखा। बार एसोसिएशन के प्रधान ने बताई एडवोकेट की आपबीती इससे पहले श्री मुक्तसर बार एसोसिएशन के प्रधान भूपिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि बीती 14 सितंबर को एडवोकेट वरिंदर सिंह संधू के एक क्लाइंट ने उन्हें बताया कि पुलिस ने गांव में नशे के खिलाफ एक कमेटी बनाई है। उस कमेटी में शामिल लोगों के खिलाफ उनका केस चल रहा है। बताया कि वह उनकी और घर आने वालों की तलाशी लेते हैं और उन्हें झूठे केस में फंसाने का शक जताया। एडवोकेट SSP ऑफिस और पुलिस थाने साथ गए इससे पहले एडवोकेट वरिंदर सिंह संधू ने क्लाइंट को SSP को शिकायत देने की सलाह दी। क्लाइंट के कहने पर एडवोकेट संधू भी उसके साथ SSP ऑफिस गए, लेकिन वहां SSP से मुलाकात नहीं हो सकी। फिर क्लाइंट ने एडवोकेट वरिंदर से कहा कि अब उसे गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा। ऐसे में एडवोकेट ने क्लाइंट को थाना सदर में शिकायत देने को कहा और उसके साथ थाना सदर चले गए। वहां शिकायत के बाद थाना एसएचओ ने उन्हें गांव में आकर ग्रामीणों की संयुक्त कमेटी बना देने का भरोसा दिलाया। थाने से बाहर निकलने पर एडवोकेट से मारपीट आरोप हैं कि पुलिस थाने से बाहर निकलते ही एडवोकेट संधू से CIA के पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट की गई। फिर उन्हें जबरन CIA दफ्तर ले जाकर उनसे अमानवीय व्यवहार कर मारपीट की। फिर 16 सितंबर को एडवोकेट संधू को कोर्ट में पेश किया। आरोप हैं कि इससे पहले पुलिस ने एडवोकेट को यह कहकर डराया-धमकाया कि यदि उन्होंने कोर्ट में मुंह खोला तो उनसे दोबारा अमानवीय व्यवहार किया जाएगा। पुलिस के धमकाने पर मुंह नहीं खोला इससे पहले पीड़ित एडवोकेट वरिंदर सिंह संधू ने न तो मेडिकल अफसर के सामने आपबीती बयां की और न ही CJM कोर्ट में कुछ कहा। हालांकि बाद में कुछ वकील साथियों को पूरी घटना बारे जानकारी दी। इसके बाद वकीलों ने अदालत में अर्जी दायर कर पीड़ित वकील का मेडिकल दोबारा कराने की अपील की। अदालत ने अर्जी स्वीकार की और मेडिकल के दो दिन बाद रिपोर्ट आने पर उसमें 18 जगहों पर चोट की पुष्टि हुई। CJM कोर्ट ने बयान रिकॉर्ड कर एफआईआर दर्ज के दिए आदेश मेडिकल रिपोर्ट में पीड़ित वकील को लगी चोटों की पुष्टि के बाद वकील भाईचारे द्वारा कोर्ट में एक अन्य अर्जी दायर कर एडवोकेट वरिंदर सिंह के बयान दर्ज करने की अपील की गई। एडवोकेट वरिंदर सिंह के बयान दर्ज करने के बाद CJM कोर्ट ने पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने पर वकीलों ने आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें सस्पेंड करने और मामले की CBI जांच की मांग कर अदालती कामकाज बंद कर दिया।
Case-Registered-Against-6-Officers-Including-Sp-Cia-Incharge-Police-Filed-Fir-After-Two-Days-Despite-Court-Orders-Work-Stalled-In-Punjab-Haryana-High-Court-Today