यशपाल शर्मा, लुधियाना
नगर निगम में आज कल बिल्डिंग इंस्पेक्टर तक निगम कमिश्नर के आदेशों को धत बताकर मनमानी करते दिखाई दे रहे हैं। ऐसी चर्चा आज कल जोन सी ( सरकारी आदेश मुताबिक ) में बतौर बिल्डिंग इंस्पेक्टर तैनात नवनीत खोखर की छिड़ी हुई है। जिसे 26 सितंबर को निगम कमिश्नर संदीप ऋषि की ओर से जारी आदेशों के तहत निगम जोन डी से बदल जोन सी में ट्रांसफर कर दिया गया था और इस आदेशों के अगले ही नवनीत खोखर जोन डी रिलीव होकर जोन सी में ज्वाइंन भी कर गया था। लेकिन बीते शुक्रवार को बिल्डिंग इंस्पेक्टर खोखर एकाएक दाेबारा से जोन डी में आ अपनी पुरानी कुर्सी पर आ बैठा व अपनी रिलिविंग लैटर भी एटीपी हैडक्वार्टर से ले फाड़ डाली। अब सवाल खड़ा ये हो रहा है कि निगम कमिश्नर की ओर से अभी तक आफिशियल तौर पर ये ट्रांसफर रदद नहीं किया गया है तो ऐसे में खोखर दोबारा से बिना आदेशों के कैसे पुरानी कुर्सी पर आ बैठा, ये चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर ये भी बताया जाता है कि खोखर के तबादले को लेकर एक जोनल कमिश्नर स्तर के अफसर और एक विधायक के बीच भी तनातनी हुई है। बताया जाता है कि ये जाेनल कमिश्नर नवनीत खोखर के तबादले से बेहद परेशान है और इस तबादले के पीछे ही उसने विधायक के पास पहुंच अपनी नाराजगी दर्ज करवाई है। जबकि विधायक का उसे कहना था कि इस तबादले में उसका कोई हाथ नहीं हैं। खोखर जाेन डी के सबसे पॉश ब्लाक कहे जाने वाले ब्लाॅक 20 में तैनात था, जिसमें घुमारमंडी, गुरदेव नगर, सराभा नगर, मल्हार रोड, रानी झांसी रोड, कालेज रोड सहित कईं अहम कामर्शियल इलाके इसमें आते हैं और मौजूदा समय भी यहां पर नियमों को किनारे कर दर्जनों बिल्डिंगों का निर्माण इल्लीगल तौर पर जारी है और इसकी लगातार शिकायत लोकल गर्वमेंट के पास भी पहुंच रही है।
पहले से बडे़ विवादों में घिरे हैं बिल्डिंग इंस्पेक्टर खोखर
बिल्डिंग इंस्पेक्टर नवनीत खोखर लंबे समय से विवादों में घिरे आ रहे हैं। नगर निगम जोन सी की बिल्डिंग ब्रांच से संबंधित 152 फाइलों का केस पहले से बड़ी मुसीबत बनता दिख रहा है। इस केस को विजिलेंस हैडक्वार्टर में एआईजी मनमोहन सिंह की ओर से ढील किया जा रहा है। बताया जाता है कि नगर इस केस में अपनी रिपोर्ट में कह चुका है कि इन फाइलों के चलते निगम को करीब 2.50 करोड़ रुपए की चपत लगी, जो पब्लिक के जरिए सरकार के खाते में आना था। ऐसे में नगर निगम की इस केस में ये रिपोर्ट बिल्डिंग इंस्पेक्टर खोखर के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती हैं। ये पूरा मामला इल्लीगल बिल्डिंग के निर्माण से संबंधित हैं और ये चपत भी इल्लीगल बिल्डिंग निर्माण के जरिए लगाई गई है।
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