डेस्क, लुधियाना
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो (वीबी) ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अपने अभियान के दौरान बुधवार को पुलिस जिला खन्ना के पीएस मलौद में तैनात एक पुलिस सब-इंस्पेक्टर (एसआई) जगजीत सिंह (नंबर 462/खन्ना) को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह खुलासा करते हुए बताया कि उक्त पुलिस सब इंस्पेक्टर को हरदीप सिंह, निवासी गांव शेखां, तहसील पायल की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया है।
शिकायतकर्ता हरदीप सिंह ने लुधियाना में विजिलेंस ब्यूरो रेंज कार्यालय से संपर्क कर एक बयान दर्ज करवाया था। जिसमें आरोप लगाया गया है कि 28 सितंबर, 2023 को उसका भाई जगतार सिंह अपनी मोटरसाइकिल नंबर PB-10-HY-4663 पर नशा मुक्ति केंद्र से दवा लेने के लिए सिविल अस्पताल मलौद गया था। दोपहर में, उन्हें पता चला कि उनके भाई जगतार सिंह के खिलाफ पीएस मलौद में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) का मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद, शिकायतकर्ता अपने गांव के परमजीत सिंह के साथ पुलिस स्टेशन गया और उपरोक्त एसआई से मिला, जिन्होंने उन्हें बताया कि जगतार सिंह के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 22 के तहत 28 सितंबर, 2023 को एफआईआर 101 दर्ज की गई है।
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि एसआई जगजीत सिंह ने उसे भी इस मामले में फंसाने की धमकी दी थी और उससे पहले ही 15,000 रुपये की रिश्वत ले ली थी। इसके अलावा, एसआई जगजीत सिंह ने उन्हें सूचित किया कि मोटरसाइकिल को अभी तक मामले में शामिल नहीं किया गया है और कहा कि अगर 20,000 रुपये की रिश्वत देता है तो , वह यह सुनिश्चित करेगा कि मोटरसाइकिल मामले में शामिल न हो। उन्होंने बताया कि रिश्वतखोरी के आगे न झुकते हुए शिकायतकर्ता हरदीप सिंह ने वीबी रेंज कार्यालय लुधियाना से संपर्क करने का फैसला किया।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि प्रारंभिक जांच के बाद वीबी टीम ने जाल बिछाया, जिसके परिणामस्वरूप एसआई जगजीत सिंह को दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
इस संबंध में, उक्त पुलिस कर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर 25 दिनांक 4 अक्टूबर, 2023 के तहत पुलिस स्टेशन वीबी रेंज लुधियाना में मामला दर्ज किया गया है। पकड़े गए आरोपियों को कल अदालत में पेश किया जाएगा और मामले की आगे की जांच जारी है।
Vigilance-Bureau-Nabs-Police-Sub-Inspector-In-Rs-20000-Bribery-Case