चंडीगढ़। पंजाब के नए एडवोकेट जनरल (AG) एडवोकेट गुरमिंदर सिंह गैरी ने गुरुवार शाम को कार्यभार संभाल लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता रहेगी कि हर मामले में पंजाब सरकार के पक्ष को मजबूती से रखा जाए। गुरमिंदर सिंह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं। वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन में 1989 में शामिल हुए थे। उन्हें 2014 में सीनियर एडवोकेट का दर्जा मिला था। वह हरियाणा में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज पदोन्नति मामले में वकील है। वह इस मामले में जजों की तरफ से अदालत में पैरवी भी कर रहे हैं। CM भगवंत मान ने सोशल मीडिया पर एडवोकेट गुरमिंदर सिंह को नया एडवोकेट जनरल बनाने के बारे में जानकारी दी।
इससे पहले एडवोकेट विनोद घई ने निजी कारणों का हवाला देते हुए सीएम को इस्तीफा सौंप दिया। जिसे गुरूवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी दी गई। जिसके बाद एडवोकेट गैरी के नए एजी होने को भी मंजूरी दे दी गई। हाल ही में पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को पंचायतें भंग करने का फैसला वापस लेना पड़ा था। यह मामला हाईकोर्ट में गया तो सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा। इसके अलावा भी कई केसों में मामले में सरकार एजी विनोद घई से संतुष्ट नहीं थी।
2022 में अनमोल रतन सिद्धू को लगाया था एडवोकेट जनरल
पंजाब सरकार ने 2022 में अनमोल रतन सिद्धू को एडवोकेट जनरल बनाया था। उस समय घोषणा की गई थी कि वह 1 रुपए महीना लेकर अनमोल रतन सिद्धू पंजाब के एडवोकेट जनरल रहेंगे। लेकिन विवादों के बाद उन्हें हटा दिया गया था। उसके बाद विनोद घई को पंजाब का एडवोकेट जनरल बनाया गया था।
Punjabs-New-Ag-Gurminder-Took-Charge-Said-Will-Strongly-Represent-The-State-Government-In-Every-Matter-In-The-Court