यशपाल शर्मा, लुधियाना
ताजपुर रोड स्थित पंजाब डायर्स एसोसिएशन के एक मेंबर ने एसोसिएशन के दो डायरेक्टर बॉबी जिंदल और कमल चौहान पर वाटर डिस्चार्ज के शेयर देने के नाम पर 20 लाख रुपए की ठगी मारने के आरोप लगाए हैं। पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस कमिश्नर को दी। पुलिस ने मामले की जांच कर एफआईआर कर डाली। ये पर्चा थाना टिब्बा की पुलिस ने सुनील बांसल की शिकायत पर दर्ज किया है लेकिन पुलिस की इस एफआईआर के बाद ये पूरा विवाद यहां थमने वाला नहीं हैं। इस मामले को लेकर पीडीए से जुडे़ पदाधिकारी पुलिस कमिश्नर से मिल अपना पक्ष रखने जा रहे हैं और इस कार्रवाई को गलत बताया है।
जानकारी के अनुसार महावीर जैन कॉलोनी स्थित कृष्णा प्रोसेसर के मालिक सुनील बांसल का डाइंग का बिजनेस हैं। सुनील बांसल ने बताया कि वह पंजाब डायर्स एसोसिएशन व ताजपुर रोड पर 50 एमएलडी सीईटीपी प्लांट का भी मेंबर है। जबकि उक्त दोनों आरोपी बॉबी जिंदल और कमल चौहान एसोसिएशन के डायरेक्टर हैं। सुनील बांसल अनुसार उसने पीडीए 80 लाख रुपए अदा कर 800 केएलडी के शेयर खरीदे थे। उसने पेमेंट देने से पहले बॉबी जिंदल और कमल चौहान से पूछा था कि वह नॉन पीडीए मेंबर से पेमेंट डलवा सकता है। जिस पर दोनों ने हामी भर दी थी। जिसके चलते अपने फर्म से 60 लाख रुपए पीडीए के खाते में भेजे। जबकि उसने एक कारोबारी से पेमेंट लेनी थी। वे उसके खाते से 20 लाख रुपए की पेमेंट भी एसोसिएशन के खाते में डाली।
20 लाख हड़प कर गए दोनों आरोपी
सुनील बांसल ने आरोप लगाया कि उसे 800 केएलडी की जगह 522 शेयर दिए गए। जबकि बॉबी जिंदल और कमल चौहान ने पहले 696 शेयर दिए और इसके बाद घटाकर पहले 640 और फिर 522 कर दिए। यह डाटा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को भी भेजा गया। उसे कंनसेंट भी 640 केएलडी के मुताबिक मिला। जब सुनील बांसल ने शिकायत की तो बॉबी जिंदल व कमल चौहान ने खुद उसे लिखकर दिया कि सुनील बांसल की फर्म के 80 लाख के शेयर है।
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ग्रुप में गलती से लिखा 522 शेयर, तो हुआ खुलासा
सुनील बांसल ने कहा कि पीडीए मेंबर्स के ग्रुप में कमल चौहान ने गलती से कृष्णा प्रोसेसर के 522 शेयर होने की बात लिख दी। जिससे उन्हें शक हुआ तो पीडीए के डायरेक्टर्स के खिलाफ शिकायत दी। जिसके बाद खुलासा हुआ कि सुनील बांसल के सिर्फ 60 लाख रुपए पीडीए के खाते में जमा हुए थे। जिसके आधार पर शेयर मिले। जबकि बाकी के 20 लाख नॉन पीडीए खाते से आए थे। जिन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता।
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ठगी तब होती जब ये पैसा मेरे पर्सनल अकाउंट में आता- बॉवी जिंदल
वहीं इस बारे में जब पीडीए के डायरेक्टर बॉवी जिंदल ने बताया कि एफआइआर दर्ज करने से पहले पूरा मामला समझ लेना चाहिए था। बाॅवी जिंदल ने बताया कि शिकायतकर्ता सुनील बांसल ने कृष्णा प्रोसेसर के साथ साथ एक अन्य एस एम ट्रेडर नाम की कंपनी जो पीडीए का मेंबर नहीं है से भी 20 लाख रुपए शेयर लेने को पीडीए के खाते में डलवाए थे। कृष्णा प्रोसेसर को 60 लाख के लिहाज से 13 फीसदी का कट लगाकर शेयर दे दिए गए, वहीं जो पीडीए का मेंबर नहीं था और जिसकी कपड़ा फैक्ट्री काकोवाल रोड पर है, उसे शेयर नहीं दिए जा सकते। हमने कहीं भी लिखकर नहीं दिया कि पीडीए से बाहर का मैंबर भी शेयर ले सकता है। हमारे पास ताजपुर रोड के कुल 110 डाइंगों के आवेदन के तहत ही शेयर दिए गए हैं और किसी भी बाहरी मेंबर को शेयर नहीं दिया गया। ये 20 लाख की ठगी तब होती जब ये पैसा मेरे पर्सनल अकाउंट में आता, ये पेमेंट पीडीए के अकाउंट में आई है और वहीं है। हमें ईस पैसे लेने को कोई लेटर किसी की तरफ से नहीं आया और अगर आया होता तो ये पैसे वापिस भेज दिए जाते।
Fir-Filed-Against-Two-Directors-Of-Pda-In-Water-Share-Allotment-Dispute-Businessmen-To-Meet-Police-Commissioner