रोपड़। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोष में सजा काट रहा जगतार सिंह तारा पैरोल खत्म होने के बाद बुड़ैल जेल लौट गया है। उसे भतीजी की शादी के लिए 2 घंटे की पैरोल दी गई थी। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से तारा को सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक की पैरोल ग्रांट की गई थी। इससे पहले तारा के भाई की अप्रैल में मृत्यु हो गई थी, उस दौरान भी तारा को पैरोल दी गई थी। तारा को उस दौरान मिली पैरोल में पुलिस के साथ सहयोग किया गया था। जिसके चलते कोर्ट ने उसी आधार पर अब भतीजी की शादी के लिए भी हाईकोर्ट ने पैरोल दी थी। तारा की भतीजी के आनंद कारज रोपड़ के गांव मुगल माजरी के गुरुद्वारा साहिब में हुए। सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस के साथ-साथ चंडीगढ़ पुलिस भी उसके साथ रही।
वकील ने 5 घंटे की मांगी थी पैरोल
इससे पहले तारा के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि 3 दिसंबर को उसके तारा को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक की पैरोल दी जाए। कोर्ट ने बचाव पक्ष और पुलिस का पक्ष सुनने के बाद तारा की 2 घंटे की पैरोल मंजूर की। अदालत के निर्देशानुसार पैरोल के दौरान पंजाब पुलिस के जवान हमेशा तारा के साथ रहेंगे और पुलिस 2 घंटे बाद उसे दोबारा जेल पहुंचाएगी। इन्हीं आदेशों की पालन करते हुए पुलिस ने 1 बजे तारा को बख्तर बंद गाड़ी में बैठा लिया था। दोबारा तारा को बुड़ैल जेल भेज दिया गया है।
2004 में बैरक नंबर-7 से खोदी थी सुरंग
बेअंत सिंह हत्याकांड के दोषी जगतार सिंह हवारा, परमजीत सिंह भ्यौरा और जगतार सिंह तारा वर्ष 2004 में चंडीगढ़ की बुड़ैल जेल की बैरक नंबर 7 में बंद थे। 20 और 21 जनवरी की रात में यह तीनों अपने कुक और हत्या के ही एक केस में शामिल देव सिंह देवी के साथ सुरंग खोदकर जेल से भाग गए थे। इन लोगों ने बैरक के अंदर टॉयलेट सीट उखाड़कर 94 फीट लंबी सुरंग खोद डाली थी। इस सुरंग के अंदर एक समय में एक ही व्यक्ति खुदाई कर सकता था। सुरंग खोदने के दौरान आसपास की मिट्टी न गिरे, इसके लिए ये लोग साथ-साथ में मिट्टी का लेप कर देते थे। इन्होंने बैरक से बुडैल जेल की दीवार तक सुरंग खोदी और वहां पहुंचने के बाद जेल की दीवार फांदकर भाग निकले।
The-Killer-Of-Former-Punjab-Cm-Beant-Singh-Returned-To-Jail-Jagtar-Singh-Tara-Was-Given-Parole-For-2-Hours-For-The-Marriage-Of-His-Niece