यशपाल शर्मा, लुधियाना
दयानंद मेडिकल कालेज एंड अस्पताल की ओर से डाक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस बंद करने का मामला अब गर्माता दिखने लगा है। आज डीएमसी अस्पताल मैनेजमेंट की ओर से हास्पिटल में डॉक्टरों की ओपीड़ी शुरु कर दी है और कईं डाक्टर इस ओपड़ी में बैठ मरीजों को चैक करते दिखाई दिए। डीएमसी मैनेजमेंट की ओर से शाम 4 बजे से 8 बजे तक की करीब चार घंटे की ओपीड़ी को कामयाब बनाने के कईं सीनियर एडमिनस्ट्रेटर्स व आला स्टाफ को जिम्मा सौंपा है। आज कईं अफसर ओपीडी की पल पल की रिपोर्ट लेते रहे और ओपीडी में कौन सा डाक्टर आया और कौन नहीं आया, इसकी पूरी रिपोर्ट नए सेक्रेटरी विपिन गुप्ता को देते रहे। हालांकि आज विपिन गुप्ता भी अस्पताल में करीब 6 बजे तक रुके रहे। ओपीडी की स्मूथ फंक्शनिंग को अस्पताल के सीनियर आफिशियल जिनमें जतिंदर, उमेश गुप्ता, मनीष कालिया, अंगपाल, कुनाल, रितेश, अभिषेक सहित अन्य की डयूटी लगाई गई हैं। ये रोजाना चार पांच घंटे की डयूटी देंगे और रविवार को भी अस्पताल आएंगे। आज चर्चा ये भी रही कि हंबड़ा रोड पर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एक डाक्टर ने अपनी जॉब से इस्तीफा मैनेजमेंट को भेज दिया है, हालांकि इसकी कहीं से पुष्टि नहीं हो पाई। बताया जाता है कि ये डाक्टर काफी सीनियर डाक्टर है और इनकी ओपीड़ी भी 100 फीसदी कामयाब है। बड़ी बात हैं कि डीएमसी के कईं सीनियर डाक्टर न्यू ईयर एंज्वाय को छुटटी पर आउट आफ सिटी हैं और उन्होंने अगले दो से पांच दिनों के भीतर लौटना है। लेकिन अब इनमें से कौन से डाक्टर वापिस लौटते हैं और कौन अपना इस्तीफा भेजता है, ये आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। इस पूरे प्रकरण में आम जनता पर क्या प्रभाव होगा, इलाज क्यों महंगा होगा, पर भी ई न्यूज पंजाब पूरी कवरेज आने वाले दिनों में देगा।
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सीनियर डाक्टर्स के लिए बड़ी मुसीबत
डीएमसी में बहुत से सीनियर डाक्टर ऐसे हैं , जिनकी उम्र 55 साल के आसपास हैं और उनकी अस्पताल में नौेकरी तीन चार साल की बची हैं, लेकिन वहीं उनकी प्राइवेट ओपीडी बेहद अच्छी हैं। इन डाक्टर्स ने रिटायरमेंट के बाद अपने घर या क्लीनिक से प्राइवेट ओपीडी ही चलानी हैं। ऐसे में इस विचार में हैं कि वे अगर अस्पताल में जाकर ओपीड़ी करते हैं तो उनकी प्राइवेट ओपीडी पूरी तरह से चौपट हो जानी हैं, जो की तीन साल की नौकरी के बाद उनको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती हें। ऐसे में उनको ये फैसला लेना है कि वे अभी नौकरी से इस्तीफा दे दें, या चुपचाप अस्पताल की ओपीडी संभालें।
Discussion-Of-Resignation-Of-A-Senior-Doctor-Of-Dmc-Four-Hour-Opd-Started-In-The-Evening-In-The-Hospital