यशपाल शर्मा, लुधियाना
मैसर्ज SEL TEXTILE लिमिटेड के डायरेक्टर व प्रख्यात कारोबारी नीरज सलूजा पर इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट का शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है। जहां बीती 12 जनवरी को ईडी ने नीरज सलूजा व कंपनी के अन्य डायरेक्टर्स के 14 से अधिक विभिन्न ठिकानों पर छापामारी करते हुए 60 लाख रुपए की नगदी बरामद के साथ साथ कईं अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए थे, वहीं अब ईडी को नीरज सलूजा को लेकर मोहाली स्पेशल कोर्ट से मिला पांच दिन का रिमांड उनकी दिक्कतें बढ़ाता दिखाई दे रहा है। ईडी की ओर से ये कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के प्रावधानों के तहत 1530.99 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले को लेकर की जा रही है। सीबीआई की ओर से विभिन्न धाराओं के तहत की गई एफआईआर पर आगे बढ़ते हुए ये कार्रवाई की है। ईडी ने विभिन्न धाराओं के तहत सीबीआई, नई दिल्ली द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की है। उक्त एफआईआर में मेसर्स एसईएल टेक्सटाइल्स लिमिटेड के खिलाफ आईपीसी, 1860 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं के तहत स्वर्गीय राम सरन सलूजा, नीरज सलूजा, धीरज सलूजा और अन्य के खिलाफ सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व में 10 बैंकों के कंसोर्टियम के 1530.99 करोड़ रु. के लोन को गलत ढंग से इस्तेमाल कर इनको नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। सीबीआई जांच के बाद अब ईडी का रिमांड नीरज सलूजा को पूरी तरह से तोड़ सकता है।
ईडी की जांच में अब तक ये आया सामने
ईडी की जांच में पता चला कि मेसर्स एसईएल टेक्सटाइल्स लिमिटेड और उसके निदेशकों ने धोखाधड़ी की है। उन्होंने बैंकों से लिए लोन को शर्त मुताबिक इस्तेमाल करने की बजाय इसे डायवर्ट कर दिया। इसके लिए इस लोन अमाउंड को सहायक कंपनियों में निवेश किया और खुद बनाई गई फर्मों की आड में सामान खरीदने के नाम पर फंड इस्तेाल किया गया, जो असलियत में नहीं खरीदा किया। इसके साथ साथ इस लोन अमाउंट में मुंबई में एक आलीशन फ्लैट भी खरीदा गया। इतना ही नहीं विदेश से मशीनरी इंपोर्ट करने के नाम पर एडवांस भुगतान किए गए, जो असलियत में नहीं खरीदी गई। इससे पहले इस मामले में जांच के दौरान ईडी की ओर से पंजाब, हरियाणा व राजस्थान की चार लोकेशन में करीब 829 करोड़ की संपत्तियों की अस्थायी कुर्की की जा चुकी है। इस में जिसमें जमीन और मशीनरी के साथ-साथ संयंत्र और बिल्डिंगें भी शामिल है।
Ed-Tightens-Its-Grip-On-Businessman-Neeraj-Saluja-Many-Important-Revelations-May-Be-Made-During-Interrogation