चंडीगढ़। पंजाब में नशे के खिलाफ जंग लड़ रही सरकार ने नई पहल की है। अब छोटी मात्रा में नशे के साथ पकड़े जाने वाले लोगों को सलाखों के पीछे नहीं जाना पड़ेगा, बल्कि सरकार इनको नशे के दलदल से निकाल कर नया जीवन शुरू के लिए प्रेरित करेगी। यह सारी प्रक्रिया एनडीपीएस एक्ट की धारा -64 ए के तहत की जा रही है। अब तक 237 केसों में 282 लोगों को इसका लाभ मिला है। आईजी हेड क्वार्टर सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि सरकार नशे की चेन तोड़ने से लेकर नशे का शिकार लोगों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है। प्रोजेक्ट का काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। इससे अब नशे की डिमांड भी कम होगी। पुलिस के मुताबिक छोटी मात्रा यानी पांच ग्राम तक नशे के साथ कोई नशेड़ी पुलिस द्वारा पकड़ा जाता है, तो ऐसे व्यक्ति को एनडीपीएस एक्ट की धारा-64 ए के तहत कोर्ट में जाकर बयान देना होता है कि वह नशा मुक्ति के लिए तैयार है। ऐसे में उसे फिर किसी तरह की कानूनी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता है। साथ ही उसे नशा मुक्त करवाने की दिशा में काम होता है। नशा मुक्ति केंद्र में 21 दिनों तक उनका इलाज करवाया जाता है। हालांकि बाद में यदि नियम तोड़ता है तो उस पर कार्रवाई भी तय है। उसे सजा का सामना भी करना पड़ता है।
बठिंडा में सबसे ज्यादा नशे के आदी आए आगे
पुलिस के इस प्रोजेक्ट के तहत हर जिले में लोग नशा छोड़ने के लिए आगे आ रहे हैं। औसतन हर जिले में 10 लोग सामने आ रहे हैं। हालांकि इस मामले बठिंडा जिले के लोग सबसे आगे रहे हैं। यहां पर 30 नशे के साथ पकड़े लोग नशा छोड़ने की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इसके बाद अमृतसर रूरल 20, बटाला 18, पटियाला 16 व संगरूर 16 लोग शामिल हैं। पुलिस की तरफ से हर जिले के अधिकारियों को हिदायत दी है कि अधिक से अधिक लोगों को इस कानून का फायदा दिलाकर नई शुरुआत की जाए।
111 करोड़ की संपत्ति जब्त
पंजाब पुलिस बड़े नशा तस्करों पर काफी सख्त है। नशे के काले पैसे से बनाई उनकी संपत्ति को भी जब्त किया जा रहा है। अब तक 111 करोड़ रुपए की 263 संपत्ति जब्त की गई है। जबकि 3.60 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त करने के लिए नौ प्रस्ताव भेजे गए है। उम्मीद है जल्दी ही इस दिशा में अमल हो जाएगा।
No-More-Jail-For-Drug-Addicts-In-Punjab-Section-64a-Of-Ndps-Act-Became-A-Boon-For-282-People-The-Government-Got-Rid-Of-Drug-Addiction