लुधियाना के प्रतिष्ठित सतलुज क्लब में फिर से एक नया विवाद पनपता दिखाई देने लगा है। सतलुज क्लब में मंगलवार की सुबह-सुबह हाउस कीपिंग विवाद देखने को मिला है। बताया जा रहा है कि बिना टेंडर के सतलुज क्लब के जनरल सेक्रेटरी व अन्य पदाधिकारी की सहमति के साथ किसी कंपनी को हाउसकीपिंग का की सेटलमेंट करके काम दे दिया गया और उक्त कंपनी के 10 -15 कर्मचारी आज सुबह क्लब पहुंच गए। इसके बाद क्लब में मौजूद डीसी रेट पर काम कर रहे हाउस कीपिंग कर्मचारियों के साथ नए स्टाफ का विवाद खड़ा होता दिखा। नए आए कर्मचारियों को कहना था कि यह काम उन्हें मिला है और अब वह यह काम करेंगे जिसको लेकर मौके पर विवाद की स्थिति बनती दिखी । हालांकि मौके पर सुपरवाइजर संजय की ओर से हाउसकीपिंग को आए नए कर्मचारियों को रोका भी गया और उनसे पूछा गया कि उनके पास कौन सा ऐसी मंजूरी है या टेंडर है जिससे वे यहां काम करने आए हैं। लेकिन वह कई दस्तावेज नहीं दिखा पाए । लेकिन अंदर खाते कुछ पदाधिकारी की सेटिंग के चलते उनकी क्लब में एंट्री करवा दी गई । इसके बाद क्लब के मौजूदा हाउसकीपिंग का काम कर रहे कर्मचारी पीसीएस अधिकारी अमरजीत सिंह बैंस के घर पहुंच गए और उन्होंने बैंस के पास पहुंच अपनी गुहार लगाते कहा कि वह पिछले 5-10 साल डीसी रेट पर हाउस कीपिंग का कार्य कर रहे हैं।लेकिन अब धक्के शाही करते हुए उन्हें बिना बताए नई कंपनी को बिना टेंडर यह काम दे दिया गया है। बताया जाता है कि इसके बाद अमरजीत सिंह बैंस ने क्लब के जीएम के साथ बात की । जिसके बाद क्लब में एंट्री करने वाले नए हाउस कीपिंग कर्मचारियों को काम करने से रोक दिया गया। बताया जाता है कि हाउसकीपिंग का काम करने वाले यह कर्मचारी किसी अस्पताल में भी काम करते हैं और यह हॉस्पिटल क्लब के किसी पदाधिकारी का ही बताया जाता है। बताया जाता है कि अंदर खाते हुए सांठ गांठ के खेल में ये काम उन्हें दिया गया है, जिसमें हर महीने एक से डेढ़ लाख रुपए की ठगी का भी शोर मचाने लगा है।
Housekeeping-Dispute-Emerged-In-Sutlej-Club-Entry-Of-New-Employees-In-The-Club-Without-Tender