चंडीगढ़। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन पर स्थिति इसी हफ्ते साफ हो जाएगी। यह संकेत केंद्रीय गृहमंत्री व भाजपा के सीनियर नेता अमित शाह ने दिल्ली में एक इंटरव्यू में दिए हैं। उन्होंने कहा कहा कि दोनों दलों में अभी नेगोशिएशन का दौर चल रहा है। सारी चीजों को देख जा रहा है। वहीं, उन्होंने दावा किया है कि पंजाब में भी इस बार पार्टी मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते हैं कि एनडीए के सारे घटक एक मंच पर आ जाए। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि अकाली दल व भाजपा से कभी हां और न वाली बात नहीं है। इसमें एक दल ऑफर देता है तो दूसरा तो काउंटर ऑफर पेश करता है। हालांकि उन्होंने कहा कि, गठबंधन में जाने से पहले भारतीय जनता पार्टी का उचित हिस्सा व कार्यकर्ताओं के सम्मान को भी हम पहल के आधार पर देखते हैं। बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा और अकाली दल में गठजोड़ अपने अंतिम चरण तक पहुंच चुका है, सीट शेयरिंग को लेकर पेच फंस रहा है। दोनों दलों में 5-8 को लेकर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। इसके अलावा किसान आंदोलन और बंदी सिखों की रिहाई के मामले को लेकर भी अकाली दल सोच समझकर कदम उठा रहा है। हालांकि गत लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा और अकाली दल ने मिलकर लड़ा था। चुनाव में दोनों दल 4 सीटें जीतने में कामयाब रहे थे। जबकि कांग्रेस को 8 और आप के खाते में एक सीट आई थी। हालांकि कृषि कानूनों के चलते दोनों दलों की राहें अलग हो गई थीं। 2022 में दोनों दलों ने अलग होकर चुनाव लड़ा था। दोनों का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था। कैप्टन अमरिंदर सिंह के परिवार को इन लोकसभा चुनावों में एक टिकट मिलना तय है। कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही चुनाव लड़ने से मना कर चुके हैं। वहीं, पटियाला की सांसद परनीत कौर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हो चुकी है। माना जा रहा है कि वह पटियाला से भाजपा की उम्मीदवार हो सकती है। वहीं, रिटायर IFS तरनजीत सिंह सिद्धू ने भी बीजेपी ज्वाइन की है। साथ ही अमृतसर से बीजेपी के उम्मीदवार हो सकते हैं।
Decision-On-Bjp-Sad-Alliance-This-Week-Union-Home-Minister-Amit-Shah-Indicated-That-They-Were-Separated-Due-To-Agricultural-Laws