अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने 1260 करोड़ रुपए का जनरल बजट आज (शुक्रवार) को गोल्डन टेंपल अमृतसर के तेजा सिंह समुदरी हॉल में पेश किया। वहीं, बीते साल यह बजट 1138 करोड़ रुपए और 2022-23 में ये बजट 988 करोड़ रुपए का था। बजट की शुरुआत में ही बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया। SGPC प्रधान एडवोकेट धामी ने केंद्र को चेतावनी देकर बंदी सिखों को रिहा करने पर जोर दिया। एडवोकेट धामी ने कहा कि जेल में बंद बंदी सिख संविधान के नियमों से डबल सजाएं पूरी कर चुके हैं। लेकिन केंद्र उन्हें रिहा करने पर ध्यान नहीं दे रहा। SGPC की तरफ से 5 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, लेकिन केंद्र ने समय तक नहीं दिया। केंद्र का श्री अकाल तख्त साहिब की सवोच्चता के प्रति गैर-जिम्मेदाराना रवैया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी देते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का इतिहास जालिम मुगल हुकूमत को तोड़ने वाला रहा है। केंद्र 5 सदस्यों की बातों पर ध्यान ना देकर संघर्ष की राह पर चलने के लिए मजबूर ना करें। 2015 में हुए बेअदबी के मामलों में एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने राज्य सरकार से मांग रखी है कि डेरा सच्चा सोदा अनुयायी प्रदीप कलेर के बयानों के आधार पर जेल में बंद राम रहीम और हनीप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। इसके बाद कानूनी कार्रवाई करते हुए राम रहीम को जेल से अरेस्ट कर आगे की कार्रवाई की जाए। वहीं, हनीप्रीत की अरेस्ट करके उस पर भी कार्रवाई हो। ये मामला सिख धर्म की आस्था के साथ जुड़ा हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार को किसी भी तरह से ढील नहीं बरतनी चाहिए। SGPC के सालाना बजट में 100 करोड़ रुपए धर्म प्रचार के लिए रिजर्व रख दिए हैं। वहीं SGPC अब जेलों में बंद बंदी सिखों की रिहाई के लिए कानूनी पैरवी भी करेगी। इसके लिए 30 लाख का फंड रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा शहीद सिखों के परिवारों के लिए भी राशि को रिजर्व रखा गया है। वहीं, धामी ने स्पष्ट किया कि उनके किसान बॉर्डरों पर बैठे हुए हैं। उन्होंने SGPC के बजट को उनके अनुकूल बताया है।
Sgpc-Presented-A-Budget-Of-Rs-1260-Crore-Demand-For-Action-Against-Ram-Rahim-And-Honeypreet-Center-Should-Be-Blunt-In-The-Issue-Of-Release-Of-Captive-Sikhs