चंडीगढ़। दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के परिवार को कानूनी मामलों में फंसाने की एक साजिश रची गई है। हालांकि साजिश की समय रहते ही पोल खुल गई। मामला सिद्धू की माता व गांव मूसा की सरपंच चरण कौर के फर्जी साइन व मुहर का प्रयोग कर पेंशन लगवाने से जुड़ा है। सरपंच के पति बलकौर सिंह की शिकायत पर मानसा के थाना सिटी दो में अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है। फाजिल्का जिले की लादुका वासी परमजीत कौर पत्नी वीरपाल सिंह के आधार कार्ड से छेड़छाड़ की गई। फोटो बदल कर अंगहीन पेशन के लिए आवेदन किया गया गया। जिस पर सरपंच चरण कौर के फर्जी साइन और मुहर थी। जब पता चला तो इसकी पड़ताल की गई। इस दौरान सामने आया कि परमजीत कौर नाम की कोई महिला मूसा गांव में नहीं है। इसके बाद बलकौर सिंह की तरफ से एसपी मानसा को शिकायत दी गई। इसके बाद पुलिस ने पड़ताल के बाद केस दर्ज मामले की जांच शुरू की है। यह मामला पूरी साजिश के तहत रचा गया था। इस मामले में आरोपी ने सीडीपीओ दफ्तर अंगहीन पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इस दौरान उसने सारे दस्तावेज फर्जी लगाए थे। यहां तक की सरपंच की मुहर व साइन भी फर्जी थी। इस बारे में 17 फरवरी को सिद्धू के पिता बलकौर सिंह को पता चला तो उन्होंने सारे गांव में आकर पड़ताल की। लेकिन इस औरत का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उनकी तरफ से 21 फरवरी को शिकायत दी गई।इसके बाद करीब दो महीने पुलिस ने मामले की पड़ताल की। इसके बाद यह केस दर्ज हुआ है। थाना सिटी दो के एसएचओ दलजीत सिंह ने बताया कि केस दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा केस की जांच की जा रही है। पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की माता चरण कौर साल 2018 में सरपंच चुनी गई थी। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी मनजीत कौर को 599 मतों से हराकर जीत हासिल की थी। माता की जीत पक्की करने कि सिद्धू मूसेवाला ने कड़ी मेहनत की थी। उस समय मूसेवाला ने दावा किया था मूसा गांव पूरी तरह से नशा मुक्त है। चुनाव उन्होंने बिना कोई शराब-नशा या फिर पैसे बांटे जीता है। हालांकि अब पंचायतों का कार्यकाल पूरा हो गया है। वहीं, पंचायतों को भंग कर दिया गया है।
Conspiracy-To-Implicate-Sidhu-Moosewala-Family-Sarpanch-Applied-For-Pension-With-Mothers-Fake-Signature-And-Seal-Father-Balkaur-Singh-Lodged-Fir