लुधियाना। यूपी के हाथरस में भोले बाबा के सत्संग के बाद मची भगदड़ में अब तक 122 लोगों की मौत चुकी है। मंगलवार को भगदड़ में लोगों को मरता छोड़कर बाबा वहां से भाग गया। 15 गाड़ियों के काफिले के साथ मैनपुरी के बिछुआ में अपने आश्रम पहुंचा। 21 बीघे में बने आश्रम के तीनों गेट बंद कर दिए गए। पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। रात में DSP आश्रम के अंदर गए। बाहर निकलने पर कहा- बाबा अंदर नहीं हैं। सुबह आश्रम से 6 गाड़ियां निकलीं। एक में भाजपा का झंडा लगा था। चर्चा है कि बाबा उसी में बैठा था।
सिकंदराराऊ के फुलरई गांव में सत्संग की तारीख 15 दिन पहले तय हो गई थी। सुबह 8 बजे से ही भीड़ जुटनी शुरू हुई। साढ़े 10 बजे तक पंडाल में बैठने तक की जगह नहीं बची। 2 लाख लोग जुट गए। सत्संग शुरू हुआ, लेकिन उस वक्त सूरज पाल उर्फ भोले बाबा वहां नहीं था। बिछुआ के आश्रम से साढ़े 10 बजे निकला और 80 किलोमीटर का सफर कर सत्संग स्थल पहुंचा। काफिले में कुल 15 गाड़ियां थीं। 12 बजे बाबा मंच पर पहुंचा। हर बार की तरह मंच से 'सम्पूर्ण ब्रह्मांड में सदा-सदा के लिए जय-जयकार हो" का उद्घोष किया। सामने बैठी भीड़ ने हाथ उठाकर यही लाइन दोहराई। इसके बाद बाबा ने सत्संग शुरू किया। मानव धर्म को लेकर बातें शुरू की। 1 बजकर 20 मिनट पर सत्संग खत्म हो गया। बाबा मंच से बाहर तक पैदल नहीं चलता, इसलिए गाड़ी मंच के पास पहुंची। वहां बाबा पत्नी के साथ गाड़ी में बैठा और बाहर निकल गया। पीछे से उसे देखने के लिए महिलाएं दौड़ने लगीं। इसमें जो भी आगे था, वह कुचलता चला गया। पीछे वाले लोग उनके ऊपर से दौड़कर बाबा तक पहुंचना चाहते थे। उसे पता चला कि पीछे भगदड़ मच गई है, लेकिन वह रुका नहीं। बाबा सीधे ढाई बजे बिछुआ आश्रम पहुंचा। सारी गाड़ियां आश्रम के अंदर चली गईं। आश्रम के तीनों गेट बंद कर दिए गए। किसी को भी अंदर नहीं आने दिया गया।
Devotees-Kept-Dying-In-Hathras-Baba-Ran-Away-And-Reached-The-Ashram-Dsp-Stayed-Inside-For-An-Hour-In-Mainpuri-Said-Baba-Is-Not-Here-In-The-Morning-A-Convoy-Of-Cars-With-Bjp-Flag-Came-Out