यशपाल शर्मा, लुधियाना
भले ही दीवाली का सीजन खत्म हो चुका है, लेकिन दीवाली के बाद भी जीएसटी विभाग के अफसर चर्चा में बने हुए हैं। आज इसका ताजा मामला मन्ना सिंह नगर में देखने को मिला। जहां जीएसटी विभाग डिस्ट्रिक्ट -3 की टीम फैशन फैब्रिक्स नाम की कपड़ा फर्म पर दबिश देने काे पहुंची थी और यहां पर फर्म के मालिक हैप्पी के साथ विवाद खड़ा हो गया। जहां जीएसटी अफसर उक्त फर्म की इंस्पेक्शन का दावा करते दिखे तो वहीं कंपनी मालिक ने जीएसटी अफसरों पर रिश्वत मांगने व दहशत फैलने के आरोप जड़ दिए। सूत्रों के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे राज्य जी.एस.टी विभाग की टीम ने इंस्पेक्शन के उद्देश्य से उक्त परिसर में दबिश दी। टीम में असिस्टेंट कमिश्नर (ऑडिट) मनु गर्ग, स्टेट टैक्स ऑफिसर उपकार सिंह और दो इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल थे। बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया और अधिकारी हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए खाली हाथ लौटने को मजबूर हुए।
फर्म के मालिक अमरजीत सिंह हैप्पी ने बताया कि उनकी गैरमौजूदगी में अधिकारी परिसर में दाखिल हुए और आते ही डराने-धमकाने का माहौल बनाया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि गल्ले में हाथ डालने तक का प्रयास किया। जिसकी सीसीटीवी फुटेज उनके पास मौजूद है। अमरजीत सिंह के अनुसार, “इन अधिकारियों ने अचानक कार्रवाई कर हमारी 40 साल पुरानी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की। हम बड़ी नामी कंपनियों के साथ काम करते हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं से व्यापारिक छवि को भारी नुकसान हो रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि अधिकारी पहले व्यापारियों को डराते हैं और बाद में पैसे लेकर मामले को ‘सेटल’ करते हैं। कारोबारी ने आरोप लगाया कि यही अधिकारी क्षेत्र के अन्य व्यवसायियों से भी पहले रिश्वत ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी भी इसी मंशा से आए थे, लेकिन उनके मंसूबो पर पानी फिर गया। उन्होंने बताया कि पहले भी उक्त अधिकारी उनके एरिया में कई कारोबारियों से पैसे ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि उक्त अधिकारियों की कार्यशैली के दौरान किए जाने वाली इंस्पेक्शन व रेड के आंकड़े निकाल कर देखे जाए , अधिकतम में ये अधिकारी पैसे लेकर कार्रवाई ख़त्म कर देते है। जो उक्त अधिकारियों के ख़िलाफ़ शिकायत लेकर पंजाब के सी.एम के पास जाएंगे और सड़को पर उत्तर कर धरना प्रदर्शन करेंगे।
इंस्पेक्शन दौरान महिला अधिकारी की मौजूदगी सवालों के घेरे में
फर्म के मालिक अमरजीत सिंह हैप्पी ने बताया कि जब अधिकारियों से इंस्पेक्शन ऑर्डर की कॉपी मांगी गई और उसे पंजाबी में पढ़कर सुनाने को कहा गया, तो उसमें असिस्टेंट कमिश्नर मनु गर्ग का नाम मौजूद नहीं था। इस पर व्यापारियों ने आपत्ति जताई और कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाए। स्थिति बिगड़ती देख उक्त महिला अधिकारी (ऑडिट कमिश्नर) ने कारोबारियों से मौके से जाने का अनुरोध किया और उन्होंने वहां से निकल इस विवाद से पल्ला छुडाया।
इस मामले में स्टेट टैक्स ऑफिसर उपकार सिंह का कहना है कि कार्रवाई के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर मैडम को मौके पर बुलाया गया था। हालांकि व्यापारियों का कहना है कि मैडम पूरी टीम के साथ पहले से ही मौजूद थीं। उपकार सिंह ने यह भी कहा कि “कारोबारियों ने कार्रवाई में बाधा डाली, जिस कारण टीम को वापस लौटना पड़ा।”
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