डेस्क, लुधियाना
यह संगठन जातिवादी एवं क्षेत्रवादी संकीर्णताओं से ऊपर उठकर कार्य करता है। इसका कार्यक्षेत्र अत्यंत व्यापक है। देश-भर में अपनी शाखाओं और सदस्यों के माध्यम से पारंपरिक कलाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना भी इस संगठन की प्रमुख गतिविधियों में शामिल है। संस्कार भारती का नारा है— “संस्कार भारती भारते नवजीवनम् साधयति” (अर्थात् संस्कार भारती भारत में नवजीवन प्रदान कर रही है।) अब संस्कार भारती पुनः सक्रिय रूप से कार्यरत है। नव वर्ष में प्रस्तावित सांस्कृतिक गतिविधियों की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से संस्कार भारती की एक साधारण बैठक लुधियाना क्लब में आयोजित की गई।जिसकी शुरुआत संस्कार भारती के ध्येय गीत से की गई।
बैठक में डॉ. बबीता जैन, प्रदीप शर्मा, बेनू सतीश कांत, सीमा भाटिया, कपिल शर्मा, अनमोल शुभम, संगीता भंडारी,जसप्रीत मोहन सिंह, डॉ. पूनम सपरा, मोनिका कटारिया, शांति जैन एवं अंतिमा उपस्थित रहीं। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि अप्रैल माह में एक संगीत कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के चयनित विद्यार्थियों को एक मंच पर लाकर प्रतियोगिता करवाई जाएगी। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट चार प्रतिभागियों को मोमेंटो प्रदान किए जाएंगे तथा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं की कला से संबंधित एक विशेष सर्वेक्षण की योजना भी तय की गई। इसके माध्यम से उन महिलाओं को चिन्हित किया जाएगा जिन्होंने अपनी कला को निरंतर जीवित रखा है अथवा जो विभिन्न कारणों से अपनी कला को आगे नहीं बढ़ा सकीं। यह पहल उन्हें पुनः कला के क्षेत्र से जोड़ने में सहायक सिद्ध होगी। बैठक में अगले माह के अंत में एक कवि-दरबार आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, जिससे साहित्यिक सृजन और संवाद को एक सशक्त मंच उपलब्ध कराया जा सके।
Sanskar-Bharti-Concludes-Preliminary-Meeting-Regarding-New-Year-Programmes