डायरेक्टोरेट रेवेन्यू आफ इंटैलिजेंस (डीआरआई) की ओर से जिनर्जी (Zenergy) टैक्सटाइल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर छापामारी और इसके बाद उक्त कंपनी को सील करने के बाद अब इससे जुड़ी कुलदीप ओसवाल ग्रुप की भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। जिनर्जी टैक्सटाइल कंपनी पर ये छापामारी गत दो दिन पहले ही की गई है और सोमवार को इस मामले में कुछ ओर नया खुल्लासा हो सकता है। बात करें Zenergy textile की तो ये कंपनी अभी मात्र पांच महीने पहले ही बनी है और मुंबई में इसका आफिस खोले जाने के बाद इसने लुधियाना के सुंदर नगर एरिया में कुलदीप ओसवाल ग्रुप की एक साइट पर अपनी इंडस्ट्री शुरु की है और खुद कुलदीप ओसवाल के मालिक अमित जैन इस कंपनी के डायरेक्टर भी हैं। बताया जाता है कि Zenergy textile चाइना वे अन्य देशों से बड़ी मात्रा में कपड़ा इंपोर्ट करवाती है और इसी कपडे़ की खरीदी में टैक्स चोरी को लेकर डीआरआई ने उक्त कंपनी धावा बोला है। बड़ी बात है कि 6 मई 2022 को खुली कंपनी जिसने अभी अपनी पहली रिटर्न तक फाइल नहीं की और उसमें इतनी बड़ी क्या धांधली कर दी गई कि उस पर डीआरआई ने छापामारी कर डाली। सूत्रों अनुसार रेड का मुख्य आधार कपडे की इम्पोर्ट के माध्यम से करोड़ों की टैक्स चोरी बताया जा रहा है। सूत्रों अनुसार विभाग को सुचना थी Zenergy टेक्सटाइल प्रा ltd मुंबई के डायरेक्टर मेहुल उपेंद्र सांगवी इम्पोर्टेड कपडे की इम्पोर्ट कर बड़ी हेराफेरी कर रहे है इसी स्थनीय गारमैंट निर्माता कम्पनी कुलदीप ओस्वाल के अमित जैन भी पार्टनर है। दोनों मिलकर मुंबई की फर्म के जरिए विदेश से अंडर बिलिंग का सहारा ले कौड़ियों के दाम पर बड़ी मात्रा में इम्पोर्टेड कपड़ा मंगवायारहे हैं । जिसमें कपड़े का वास्तविक बिल शहर की किसी एक कम्पनी को बेच दिया जाता है जबकि कपडा लुधियाना में मंगवा लिया जाता था ! इसके बाद कपडे को लुधियाना में तैयार बता कर जाली बिलों के सहारे सामान्य इकाइयों व व्यापरियों को बेच दिया जाता था। सूत्रों अनुसार डीआरआई टीम पिछले कई दिनों से नैक्सस को ट्रेस कर कई इकाइयों पर कार्यवाही कर चुकी है जिसमें लुधियाना , मुंबई की भी कई कंपनियों शामिल है इन कंपनियों पर जाँच व बिलिंग को ट्रेस करते हुए ही वीरवार शाम कुलदीप ओसवाल की इस सहायक कम्पनी पर रेड करते हुए सील कर दिया गया । सूत्रों की माने तो कुलदीप ओसवाल की अन्य इकाइयों व कपड़ा खरीदने वाली अन्य कंपनियां भी इस कार्रवाई के घेरे में आ सकती हैं। बताया जाता है कि डीआरआई ने बैंक अकाउंट, बिल बुक व बाहर से आने वाले कपडे़ के बिलों का भी पूरा डाटा जुटा रही है।
Dri Raid On Jinerji Textiles Increased The Troubles Of Kuldeep Oswal Group